गोरखपुर में भयंकर बाढ़ से मची खलबली! बचाव कार्य के लिए तुरंत पहुंची सेना

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उत्तर प्रदेश : 18 अगस्त, 2017 को ‘गोरखपुर’ में आई बाढ़ के कारण गोरखपुर-बस्‍ती मंडल में स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. स्थिति बहुत ही भयंकर और जानलेवा हो चुकी है. हर क्षेत्र में बाढ़ का पानी भर चुका है.

गोरखपुर में भयंकर बाढ़ से मची खलबली! बचाव कार्य के लिए तुरंत पहुंची सेना

गोरखपुर शहर की दो नदियों से सुरक्षा करने वाले ‘हार्बर्ट बांध’ के ‘डोमिनगढ़ रेगुलेटर’ का फाटक आधी रात क्रेक होने के कारण ‘राप्ती’ और ‘रोहिन नदी’ का पानी धीरे-धीरे शहर में आना शुरू होने लगा है. पानी के कारण जफ़र कॉलोनी और नजदीक की कालोनी में तीन फीट पानी भर गया है. जिससे वहाँ के लोग डर गए हैं. रिसाव रोकने की सारी कोशिशें बेकार हो गईं.

वहाँ मौजूद सभी लोग अपने घरों से सामान निकाल कर ऊंचे जगहों की तरफ जा रहे हैं. प्रशासन रिसाव रोकने का प्रयास कर रहा है. प्लास्टिक बैग में मिट्टी भर कर रिसाव को रोकने की कोशिश की जा रही है.

“उत्तर प्रदेश” के सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती, देवरिया और गोरखपुर जिले में अब तक कई बांध टूट चुके हैं. हालात पर काबू पाने के लिए सेना गोरखपुर में सेना पहुंची चुकी है. गोरखपुर की नदियाँ इस समय उफान पर हैं. नदियों में आई बाढ़ से जिले कर दक्षिणी इलाके में ‘कैम्पियरगंज’ और ‘सदर तहसील’ के करीब 100 गांव बाश से डरे हुए हैं. सहायता के लिए सेना भी पहुंच चुकी है.

गोरखपुर में भयंकर बाढ़ से मची खलबली! बचाव कार्य के लिए तुरंत पहुंची सेना

जिलाधिकारी ने ‘कर्नल आशीष रावत’ की कमान में पहुंची सेना के अधिकारियों के साथ बैठक हुई. बड़े बांधों पर पानी का जलस्तर बढऩे के कारण आसपास रहने वाले गांवों के लोगों की नींद उड़ी हुई है. भायांकर स्थिति को दश्ते हुए सेना के जवान पहुंच चुके हैं.

सिद्धार्थनगर में हेलीकाप्टर द्वारा राहत सामग्री लोगों को मुहैया कराई जा रही है. ‘गोरखपुर-सोनौली’ राजमार्ग भी बंद है. ‘गोरखपुर’ शहर के ‘इलाहीबाग रेगुलेटर’ में सुबह रिसाव शुरू हो गया है. यहां के लहसड़ी, हार्बट और माधोपुर बांध पर राप्ती नदी के बढ़ रहे जलस्तर के दबाव को देखते हुए अफसरों को अलर्ट कर दिया गया किया जा चुका है.

गोरखपुर में भयंकर बाढ़ से मची खलबली! बचाव कार्य के लिए तुरंत पहुंची सेना

बिजली विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है, जहां बाढ़ का पानी घुस गया है. ‘महराजगंज’ जिले में ‘फरेंदा’ तहसील इलाके का ‘लेहड़ा बंदेईया’ बाध सुबह ‘कमनहा’ व ‘केवटलिया’ के निकट टूट गया है. बीते दो दिन से रैट होल से बांध में हो रहे रिसाव को रोकने के लिए दिन-रात करके लगे हुए है परंतु मुमकिन नहीं हो सका.

बांध के टूटने के कारण दर्जन से भी अधिक गांव के लोग बाढ़ की चपेट मे आ चुके हैं. सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ से बह चुकी है. राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. जिले में सुबह आठ बजे रोहिन, चंदनप्‍यास नदी के जलस्तर में गुरूवार की तुलना में थोड़ी गिरावट मांपी गई जबकि गंडक व राप्ती नदी का जलस्‍तर बढ़ता पाया गया.

गोरखपुर में भयंकर बाढ़ से मची खलबली! बचाव कार्य के लिए तुरंत पहुंची सेना

18 जुलाई की सुबह ‘गंडक’ नदी 352.70 फीट, ‘राप्‍ती’ नदी 81.610मीटर, ‘रोहिन नदी 84.930 मीटर, ‘चंदन’ नदी 100.80 मीटर तथा ‘प्‍यास’ नदी 101.40 मीटर पर बहती हुई दर्ज की गई. ‘देवरिया जिले में ‘राप्ती’ नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. ‘रूदपुर’ मे ‘गोर्रा’ नदी भी खतरे का निशान पार चुकी है.

‘बरहज’ तहसील इलाके के ‘दियारा’ में ‘घाघरा’ नदी के कारण गांवो की सुरक्षा के लिए बना ‘विशुनपुर-नुरुल्लाहपुर’ तट बंध ‘विशुनपुर देवार प्राथमिक विद्यालय’ के नजदीक सुबह बांध टूट जाने से कारण ‘परसिया देवार’, ‘विशुनपुर देवार’ के साथ ही ‘मऊ’ जिले के दर्जनभर गांवो में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. गाँवो में पानी भरने लगा है, जिसके कारण ग्रामीण वहाँ से जाने लगे हैं.

गोरखपुर में भयंकर बाढ़ से मची खलबली! बचाव कार्य के लिए तुरंत पहुंची सेना

ग्रामीण बोरे में मिट्टी भरकर बहाव रोकने की कोशिश कर रहे हैं. ‘सिद्धार्थनगर’ जिले में सभी मुख्य नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ‘जिला मुख्यालय’ से मिले ‘जमुआर नाला’ के जलस्तर वृद्धि 1998 के उच्चतम जलस्तर को भी पार कर चुका है, जिसकी वजह से ‘सदर’ तहसील में तबाही कुछ ज्यादा बढ़ी हुई है.

बाकी मुख्य नदियां ‘राप्ती’ व ‘बूढ़ी’ दोनों ही लाल निशान से ऊपर बह रही हैं. जिले में बाढ़ की विभीषिका लगातार जारी है. कलेक्ट्रेट भवन में स्थापित ‘आपदा कंट्रोल रूम’ के अनुसार अब तक जिले में 418 गांव प्रभावित हो चुके हैं, जबकि मौरुंड गांव की संख्या 146 पहुंच चुकी है. राहत व बचाव के लिए जिला प्रशासन दिन रात एक किए हुए हैं.

गोरखपुर में भयंकर बाढ़ से मची खलबली! बचाव कार्य के लिए तुरंत पहुंची सेना

“वायुसेना” के हेलीकॉप्टर के माध्यम से 25 गांव में राहत सामग्री पहुंचाए जाने के लिए पुलिस लाइन में तैयारियां अंतिम चरण में है. ‘नेपाल’ से ‘भारत’ में प्रवेश करने वाली नदियों में उफान से ‘सिद्धार्थनगर’ में बाढ़ की भयंकर स्थिति है. सभी मुख्य यहां पर नदियां खतरे के बिंदु से ऊपर बह रही हैं.

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