डोकलाम विवाद में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के बाद एक बार फिर से मात देने के लिए भारत कर रहा है ये तैयारी

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हिमाचल प्रदेश : “डोकलाम” विवाद पर विजय पाने के बाद अब ‘भारत’ ने ‘चीन’ को सबक सिखाने के लिए एक और कदम उठाया है. ‘भारत’ द्वारा उठाये गये इस कदम से चीन काफी डर की स्थिति में आ गया है.

दोक्ल्लम विवाद में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के बाद एक बार फिर से मात देने के लिए भारत कर रहा है ये तैयारी

भारत द्वारा अब गुलाम कश्मीर और चीन की सीमा तक रेललाइन बिछाने का कार्य चल रहा है. इस कार्य के लिए ‘भिलाई स्टील प्लांट’ (बीएसपी) को सिंगल लंबी रेल लाइन का ऑर्डर मिलने की उम्मीद है. देश के ‘रेल मंत्रालय’ से इस बारे में संकेत प्राप्त हुए हैं.

“भिलाई स्टील प्लांट” भी इस लंबी सिंगल रेल पटरी निर्माण कार्य को लेकर गहराई से फोकस कर रहा है. ‘चीन’ की सीमा पर अब ‘भारत’ ये कार्य कर रेल चलायेगा. इस कार्य के लिए सर्वे लगातार जारी है, जो इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा. ‘हिमाचल प्रदेश’ से ‘लेह’ तक रेल चलते ही ‘भारत’ ‘चीन’ की सीमा पर मजबूत स्थिति खड़ा हो जायेगा.

दोक्ल्लम विवाद में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के बाद एक बार फिर से मात देने के लिए भारत कर रहा है ये तैयारी

यह रेललाइन ‘हिमाचल प्रदेश’ के ‘बिलासपुर’ के रास्ते ‘मनाली’ होते हुए ‘लेह’ तक लगभग 500 किलोमीटर तक बिछाई जाएगी. ‘लेह’ से ‘चीन’ की दूरी 250 किलोमीटर है. पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से सेना के जवानों को भी बहुत अधिक परेशानी से जूझना पड़ता है.

चीन द्वारा फैला हुआ रेल नेटवर्क तिब्बत तक बनाया है. लगभग 1200 किलोमीटर लंबी ‘किंघई-तिब्बत’ रेललाइन को ‘ल्हासा’ तक जोड़ दिया गया है. ‘भारत’ से ‘ल्हासा’ तक की दूरी 1500 किलोमीटर है. इसके पश्चात् ‘चीन’ ‘सिक्किम’ तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है.

दोक्ल्लम विवाद में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के बाद एक बार फिर से मात देने के लिए भारत कर रहा है ये तैयारी

वर्ष 2006 के पश्चात् ‘ल्हासा’ के लगभग ‘ड्रोमो’ तक निर्माण किया गया, जो ‘डोकलाम’ के बहुत ज्यादा करीब है. इस का उत्तर देने की तैयारी ‘भारत’ कर रहा है. ‘बीएसपी’ द्वारा तैयार की जा रही रेल पटरी की क्षमता बर्फ, भूंकप और जंग से लड़ने के काबिल है. ‘निकिल-कॉपर-क्रोमियम’ रेल पटरी पर पानी और बर्फ का असर नहीं होता.

तैयार की जा रही इस 130 मीटर लंबी सिंगल रेल पटरी द्वारा रेल की बोगियों में झटके नहीं लगेंगे. रेल पटरी से ‘हाइड्रोजन’ की मात्रा कम करने से इसमें दरार नहीं आती.

दोक्ल्लम विवाद में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के बाद एक बार फिर से मात देने के लिए भारत कर रहा है ये तैयारी

“भिलाई स्टील प्लांट” के उच्चाधिकारियों ने बताया है कि, ‘रेल मंत्रालय’ से संकेत प्राप्त हुए हैं कि यह सर्वे पूरा होने के बाद पटरी का ऑर्डर एक वर्ष पहले ही दे दिया जाएगा, जिससे दुर्गम पहाड़ी इलाके में रेललाइन बिछाने में रुकावट न हो. वर्सनलेह ‘लद्दाख’ समेत देश में अन्य दुर्गम जगहों तक बिछने वाली रेल लाइनों की मांग से बीएसपी को लाभ होगा.

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