तालिबान द्वारा विकृत प्राचीन बुद्ध प्रतिमा फिर से स्थापित

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इस्लामाबाद, 14 नवंबर – पाकिस्तान के खबर पख्तूनख्वा प्रांत में भगवान बुद्ध की सातवीं शताब्दी की प्रतिमा को अंतत: उसका मूल स्वरूप दे दिया गया। इस मूर्ति को तालिबान आतंकियों ने नौ साल पहले विरूपित कर दिया था। इटली के पुरातत्वविदों की एक टीम ने इसे मूल स्वरूप प्रदान किया।

तालिबान द्वारा विकृत प्राचीन बुद्ध प्रतिमा फिर से स्थापित
तालिबान द्वारा विकृत प्राचीन बुद्ध प्रतिमा फिर से स्थापित

जियो न्यूज द्वारा सोमवार को जारी खबर के अनुसार, “पाकिस्तान के इतालवी पुरातात्विक मिशन ने स्वात जिले के जहानाबाद के स्थानीय लोगों की सहायता से चार वर्षो की कड़ी मेहनत के बाद इस काम को अंजाम देने में सफलता पाई। वर्ष 2007 के सितंबर में तालिबान आतंकियों ने इस प्रतिमा को विकृत कर दिया था।”

इतालवी पुरातात्विक मिशन की प्रमुख लुका मारिया ओलिविएरी ने कहा, “यह हम लोगों का स्वात और पाकिस्तान के लोगों एवं विरासत के प्रति पेशेवर एवं नैतिक दायित्व था, जिसने हमें बुद्ध को फिर से वैसा करने के लिए मजबूर किया। अपने अनुरक्षण कार्यक्रम को पूरा करने के लिए इसमें वर्ष 2012 से 2016 के बीच पांच कार्यदलों ने करीब एक-एक माह काम किया।” उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व स्थिति लाने की प्रक्रिया में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने काम किया।

तालिबान आतंकियों ने विस्फोटक लगाकर इस प्रतिमा के चेहरे को उड़ा दिया था और बाहों और धड़ में छेद करके उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस कार्य से बौद्ध धर्मावलंबियों, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों सहित पूरी दुनिया में नाराजगी फैल गई थी।

इटली के टीम ने इस प्रतिमा को फिर से पूर्व स्थिति में लाने का काम त्रिआयामी प्रौद्योगिकी एवं इसके विशेषज्ञों के जरिए 2012 में शुरू किया था।

मध्ययुगीन बुद्ध की प्रतिमा सातवीं शताब्दी की है। दक्षिण एशिया में पत्थर में काटकर बनाई गई यह प्रतिमा सबसे बड़ी है।

21 फुट ऊंची और 12 फुट चौड़ी यह प्रतिमा गांधार कला का नमूना है।

स्वात घाटी में करीब 20 ऐसे दर्शनीय स्थल हैं, जो प्राचीन हैं और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

कभी इस प्रतिमा को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी में आते थे, जिनमें तिब्बती श्रद्धालु और पुरातात्विक चीजों में रुचि रखने वाले भी होते थे। अब उम्मीद की जा रही है कि बुद्ध की प्रतिमा फिर से पहले जैसी कर दिए जाने के बाद एक बार फिर पूरी दुनिया के लोगों को यह आकर्षित कर पाएगी।

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