गाँधी शांति प्रतिष्ठान में अंतरानुशासनीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन

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गाँधी शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली : “रामराज यानी राम की वैज्ञानिक राज्य व्यवस्था के स्वप्न को देश में साकार करना चाहते थे गांधी। तात्विक दृष्टि से गांधी और मानस के राम में कोई भेद नहीं था. राम राज्य की सफलता का रहस्य उसकी वैज्ञानिक पद्धति में निहित है.”

गाँधी शांति प्रतिष्ठान में अंतरानुशासनीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन

उक्त आशय के उद्गार गांधी शांति प्रतिष्ठान में मुंबई की संस्था वैश्विक साहित्यिक सांस्कृतिक वैज्ञानिक परिषद और जबलपुर की संस्था पाथेय साहित्य कला अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने व्यक्त किए।

समारोह की अध्यक्षता की वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर राजकुमार “सुमित्र” ने और मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी जनजातीय, अमरकंटक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दिलीप. व्यंग्यकार सुभाष चंदर , पत्रकार श्री चंद किशोर शर्मा(लखनऊ) डॉ नीलिमा सिन्हा(मानवी की मगध विश्वविद्यालय की डीन) क्रिस्टीना लिथवानिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर तथा अभिषेक मिश्रा आदि ने इस पर अपने विचार व्यक्त किए.

गाँधी शांति प्रतिष्ठान में अंतरानुशासनीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन

सुषमा भंडारी जी ने सरस्वती वंदना का गायन किया तत्पश्चात डॉक्टर प्रदीप कुमार सिंह एवं डॉ सतीश कनौजिया ने अतिथियों का स्वागत किया.

कार्यक्रम के प्रथम चरण में साहित्यिक गोष्ठी में श्री अनिल वर्मा मीत, ममता किरण, सुषमा भंडारी, डॉ. आरती स्मित, अर्चना चतुर्वेदी, चंद्रकांता सिवाल, माधुरी स्वर्णकार, संदीप तोमर, मायक राज, भावना शर्मा, एस जी.सिसोदिया , जान्हवी जैन, अरुण कुमार वर्मा, प्रेमी राम मिश्रा, भावना शेखर, विम्मी रानी ,प्रियंका शर्मा, संजय साफी तथा मयंक राजेश आदि ने हिस्सा लिया.

गाँधी शांति प्रतिष्ठान में अंतरानुशासनीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन

प्रथम चरण में अर्चना चतुर्वेदी का व्यंग्य मर्दो के हालत पर केंद्रित था जिसे उन्होंने पुरुषों की समस्याओं पर केंद्रित किया। सन्दीप तोमर ने अपनी प्रतिनिधि कहानी” टुकड़ा टुकड़ा परछाई” का वाचन किया । उनकी कहानी सुन श्रोताओं की आंखें नम हो गयी। कहानी कहने का अंदाज लोगो को बेहद पसंद आया। प्रसिद्ध व्यंगकार श्री सुभाष चंदर जी ने कहानी कहने के अंदाज और कथानक की भूरि भूरि प्रशंसा की.

गाँधी शांति प्रतिष्ठान में अंतरानुशासनीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन
सन्दीप तोमर सम्मान ग्रहण करते हुए

कार्यक्रम के अंतिम चरण में देश, विदेश से पधारे विद्वानों तथा विदुषियों को सम्मानित किया गया। अन्य साहित्यकारों तथा हिंदी प्रेमियों सहित सन्दीप तोमर को “कथा गौरव सम्मान” से उनके साहित्यिक अवदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्वाध्याय, सुमन राणा तथा वीरेंद्र ने विशेष सहयोग दिया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ भावना शुक्ल ने किया तथा डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया.

–सागर कुमार 

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