कलाकार मानव गुप्ता द्वारा चिलम और कुल्लड के प्रयोग से तैयार आलोकिक कृति से सजा इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र

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नई दिल्ली : “इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र” (आईजीअंसीए) में कलाकार ‘मानव गुप्ता’ ने हमारी संस्कृति को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है. इस मौके पर संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री ‘डॉ. महेश शर्मा’ मौजूद रहे.

कलाकार मानव गुप्ता द्वारा चिलम और कुल्लड के प्रयोग से तैयार आलोकिक कृति से सजा इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र
इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र

आयोजन में शामिल हुए ‘डॉ. महेश शर्मा जी’ ने कलाकार ‘मानव गुप्ता’ की प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा है कि जिस प्रकार से चिलम और कुल्लड का प्रयोग कर मानव जी ने गंगा को दर्शाया है, वह बहुत ही अद्भुत और शानदार है. इससे मानव जी का यह कार्य विश्वस्तरीय है और हम आशा करते हैं कि भविष्य में यह शानदार कार्य करते रहे.

कलाकार मानव गुप्ता द्वारा चिलम और कुल्लड के प्रयोग से तैयार आलोकिक कृति से सजा इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र
मानव गुप्ता दाएं तरफ

कलाकार मानव गुप्ता द्वारा प्रकृति को लेकर किये गये इस अद्भुत कार्य को देखने के लिए भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए. जिस प्रकार मानव जी ने होली गंगा रीवर को ‘चिलम’ और ‘कुल्लड’ में दर्शाया है, वो शराहनीय है. चिलम और कुल्लड द्वारा कलाकार ने वर्षा को भी बहुत ही अद्भुत तरीके से दिखाया है.

कलाकार मानव गुप्ता द्वारा चिलम और कुल्लड के प्रयोग से तैयार आलोकिक कृति से सजा इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र

कलाकार मानव गुप्ता ने कहा है कि पृथ्वी एक एहसास है, हमारी धरोहर है. हमारी पृथ्वी ही सच-मुच की धरोहर है. इसके आगे कलाकार ने कहा है कि हमारे देश की मिट्टी से हम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी से कम नहीं है. यह हमारी प्रकृति और बारिश जो है वो हमारे लिए कितनी आवश्यक है. इसके आगे उन्होंने कहा है कि इस कार्य के माध्यम से हम विश्वस्तर पर बहुत आगे जाना चाहते हैं.

कलाकार मानव गुप्ता द्वारा चिलम और कुल्लड के प्रयोग से तैयार आलोकिक कृति से सजा इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र

भारतीय कलाकार मानव गुप्ता का जन्म 29 दिसंबर 1967 को ‘कोलकाता’ में हुआ था. मानव जी ने सहयोगी कला को प्रदर्शन और मेगा मूर्तियों के रूप में अग्रणी बनाया है. जिसमें मानव जी ने जलवायु परिवर्तन पर एक मिनट की फिल्म बनाने के लिए पेंटिंग्स, कविता, संगीत और ध्वनि में अपनी कला प्रथाओं पर्यावरण और वन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित सार्वजनिक सेवा संदेशों के लिए टिकाऊ विकास, पारिस्थितिक तंत्र और वैकल्पिक ऊर्जा को चुना है.

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