ललित कला अकादमी ने प्रदर्शनी से किया बापू और उनकी शिक्षा को स्मरण! संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा द्वारा किया गया शुभारम्भ

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ललित कला अकादमी, नई दिल्ली : महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में उनको व उनके शांति और अहिंसा के सिद्धांतों को स्मरण करते हुए ललित कला अकादेमी अक्टूबर, 2018 से नियमित विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।

ललित कला अकादमी ने प्रदर्शनी से किया बापू और उनकी शिक्षा को स्मरण! संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा द्वारा किया गया शुभारम्भ
संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा दीप प्रज्वलित करते हुए

इसी क्रम में अकादेमी की रबीन्द्र भवन स्थित कला दीर्घाओं में ‘महात्मा गांधी एंड वर्ल्ड पीस’ प्रदर्शनी का शुभारम्भ माननीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने अकादेमी के अध्यक्ष उत्तम पाचारणे और संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव, निरुपमा कोत्रु और अकादमी के सचिव राजन श्रीपद फुलारी की उपस्थिती में किया। डीन विश्वनाथ साबले, प्रॉफेसर मारुति शेलके, प्रॉफेसर शशिकांत गोरखे, सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उद्घाटन अवसर पर प्रतिभागी कलाकार, कला समीक्षक और बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे। शाम को हुए कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित प्रख्यात मूर्तिकार श्री राम वी. सुतार को अकादेमी के अध्यक्ष श्री उत्तम पाचारणे जी ने शॉल उड़ाकर उनका सम्मान किया।

ललित कला अकादमी ने प्रदर्शनी से किया बापू और उनकी शिक्षा को स्मरण! संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा द्वारा किया गया शुभारम्भ

सर जे. जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट, मुंबई इस प्रदर्शनी की सहयोगी आयोजक संस्था है। प्रदर्शनी में 75 कलाकारों की इतनी ही कृतियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शित कृतियों के माध्यम से कलाकारों ने गांधीजी और विश्व शांति पर अपने विचारों को कलापरक रूप में प्रस्तुत कर अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का प्रयास किया है।

शो का उद्घाटन करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय संस्कृति मंत्री, डॉ. महेश शर्मा ने अकादेमी के प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महापुरुषों के जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अनोखा प्रयास शुरू हुआ है। राष्ट्र की आजादी से लेकर देश के लोगों के उन्नयन में महात्मा गांधी जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। भारत आज देश के साथ साथ विश्व के कोने-कोने में गांधी जी की 150वी वर्षगांठ मना रहा है। पेंटिंग के माध्यम से गांधी जी और उनके आदर्शों का चित्रण एक अच्छा प्रयास है।”

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अपने उद्घाटन भाषण में अकादेमी के अध्यक्ष, श्री उत्तम पाचारणे ने महात्मा गांधी की उनके अहिंसा मार्ग और विश्व को शांति की शिक्षा देती उनकी जीवन यात्रा का पुनर्स्मरण करते हुए कहा, “सारी दुनिया ने जिनके स्वतंत्रता का संघर्ष देखा है, शांति का संदेश देने के लिए गांधीजी ने अपना पूर्ण जीवन बिताया आज उनकी याद में ये चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ है। हमारी अपेक्षा है कि इन चित्रों द्वारा दर्शक खुद को उनके अनुभवों से जोड़ सकेंगे।”प्रदर्शनी में दीपक शिंदे, अनिल नायक, चंद्रकांत चंगे, पॉल कोली और श्रीकांत जाधव सहित 75 कलाकार भाग ले रहे हैं।

शो के सम्माननीय अतिथि पद्म भूषण से सम्मानित श्री राम वी. सुतार ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त की और अकादमी प्रयास की सराहना की और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों व जीवन मूल्यों पर कलाकारों के बीच अपने विचार प्रकट किए और कहा, “मैं बचपन से ही गांधी जी के विचारों से प्रेरित था। 1948 में पहली बार गांधी जी की मूर्ति बनाने का मौका मिला। उसके बाद मैंने गांधी जी की कई मूर्ति बनाई। मैं ललित कला अकादमी को प्रदर्शनी के आयोजन के लिए बधाई देता हूँ।”

ललित कला अकादमी ने प्रदर्शनी से किया बापू और उनकी शिक्षा को स्मरण! संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा द्वारा किया गया शुभारम्भ

इस अवसर पर ललित कला अकादमी द्वारा पूर्व आयोजित ‘गढ़ी विंटर शो’ के कैटलॉग का भी लोकार्पण किया गया। यह प्रदर्शनी रबीन्द्र भवन, मंडी हाउस की ललित कला अकादेमी आर्ट गैलेरीज़ में 12 फ़रवरी, 2019 तक रोज़ाना प्रातः 11 बजे से सायं 7 बजे तक दर्शकों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी.

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