इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र में शेली ज्योति की ‘रिविजिटिंग गांधी : द आर्ट ऑफ शेली ज्योति’ प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

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नई दिल्ली : “कला” एक एसी बहुमूल्य सम्पत्ति है जो होती तो सभी के पास है पर इसका आभास हर किसी को नहीं होता है। कला में एक कलाकार भावों की अभिव्‍यक्ति कर उसको इस समाज के सामने प्रस्तुत करता है। कला व्‍यक्ति के मन में बनी स्‍वार्थ, परिवार, क्षेत्र, धर्म, भाषा और जाति आदि की सीमाएँ मिटाकर विस्‍तृत और व्‍यापकता प्रदान करती है। 

इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र में शेली ज्योति की ‘रिविजटिंग गांधी : द आर्ट ऑफ शेली ज्योति’ प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

इन दिनों इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र में कलाकार शेली ज्योति की कपड़े पर आधारित प्रदर्शनी ‘रिविजटिंग गांधी : द आर्ट ऑफ शेली ज्योति’ लगी हुई है। प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्रमंत्री स्मृति ईरानी द्वारा किया गया। इस मौके पर महात्मा गांधी की पोती एवं कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय संग्रहालय स्मारक की ट्रस्टी तारा गांधी भट्टाचार्जी, आईजीएनए के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी भी उपस्थित थे। वस्त्रमंत्री स्मृति इरानी ने महात्मा गाँधी की खादी पर आधारित ऐसी उत्कृष्ट प्रदर्शनी को संभव बना पाने के लिए आईजीएनसीए के प्रयासों की सराहना की। 

इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र में शेली ज्योति की ‘रिविजटिंग गांधी : द आर्ट ऑफ शेली ज्योति’ प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

गाँधी जी के विचारों से प्रेरित होकर शेली ज्योति की इस शानदार कलाकृति ने शिल्प तकनीकों एवं परंपराओं के माध्यम से कलाकार की अवधारणा और रूपरेखाओं को रूपांतरित कर दिया है। यह प्रदर्शनी एहसास कराती है कि समाज के संपूर्ण रूपांतरण के अंतिम लक्ष्य के साथ गांधीजी ने स्वरूपांतरण की जो प्रेरणा दी तथा जिसे कार्य में ढाला, वह अनवरत जारी तथा सदा उपस्थित रहने वाली प्रक्रिया है। कलाकृतियों में नैतिक एवं शांतिपूर्ण समाजों के सृजन के लिए राष्ट्र निर्माण के गांधीजी के विचार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।इस प्रदर्शनी ने बौद्धिक, ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं कलात्मक विचारों तथा परंपराओं को आगे बढ़ाया है, जो हालांकि अतीत से जुड़े रहे हैं, लेकिन अभी भी पल्लवित और पुष्पित होते हैं।

इंदिरा गाँधी राष्ट्रिय कला केंद्र में शेली ज्योति की ‘रिविजटिंग गांधी : द आर्ट ऑफ शेली ज्योति’ प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

वर्ष 2009 और 2018 के बीच सृजित इन उत्कृष्ट वस्त्र कलाकृतियों के माध्यम से कलाकार शेली ज्योति ने भारतीय इतिहास और पहचान-स्वराज, खादी, नमक और नील से जुड़े गांधीवादी विचार में प्रमुख विषय वस्तुओं के लिए भौतिक रूप प्राप्त किया है। यही कारण है कि यह प्रदर्शनी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। आपको बता दें कि यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए सोमवार को छोड़कर सप्ताह के सभी दिनों में 21 अक्टूबर 2018 तक सुबह 10.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक खुली रहेगी ।

देखिये इस प्रदर्शनी का विडियो…

–सागर कुमार 

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