बच्चों को एक साथ टीका लगाने की प्रौद्योगिकी करें विकसित : हर्षवर्धन

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नई दिल्ली, 22 सितम्बर – भारत आविष्कारों की भूमि है। हम सौ करोड़ लोगों के हाथ में एक साथ मतपत्र पकड़ा सकते हैं तो देश भर के लोगों को एक साथ टीका क्यों नहीं लगा सकते। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने यह बातें गुरुवार को यहां आयोजित 5वीं ‘इन्नोवेटर्स मीट’ के दौरान कही। विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैवप्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के तत्वावधान में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) द्वारा नवोन्मेष और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पहले दिन ‘बायोटेक इन्नोवेशन ईकोसिस्टम – स्ट्रेटेजाइजिंग द नेक्स्ट लीप’ पर चर्चा की गई।

 डॉ. हर्षवर्धन : केंद्रीय मंत्री
डॉ. हर्षवर्धन : केंद्रीय मंत्री

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री ने कहा, “हमें इस तरह की प्रौद्योगिकी विकसित करनी चाहिए कि देश के सभी बच्चों का एक साथ टीकाकरण किया जा सके। यदि किसी के पास कोई आइडिया है तो हमारी सरकार, हमारे प्रधानमंत्री उनके साथ खड़े हैं। हमारे पास पैसों की कमी नहीं है और हम उसकी हर संभव मदद करेंगे। बल्कि हमारी सरकार ही नहीं, दुनिया के कई संस्थान जैसे बिल गेट्स फाउंडेशन आदि उनकी मदद के लिए हैं।”

उन्होंने कहा, “मुझे यह देख कर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इतनी बड़ी तादाद में उद्यमी और आविष्कारक अपने विचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन के मुताबिक सरकार अपनी क्षमता के तहत हरसंभव प्रयास कर रही है कि भारतीय उद्यमियों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए जहां वे अपने विचारों को दुनिया तक पहुंचा सकें और विश्व के श्रेष्ठतम से मुकाबला कर सकें।”

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री वाय.एस. चौधरी ने कहा, “भारत सरकार देश को नवाचार का अग्रदूत बनाने के लिए प्रयासरत है। इन्नोवेशन इंडेक्स में हम 15 पायदान ऊपर पहुंच चुके हैं और अब हम नवोन्मेष के क्षेत्र में निरंतर वृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। ”

बीआईआरएसी के चेयरमैन व डीबीटी के सचिव प्रो. विजय राघवन ने कहा, “बीते पांच सालों में देश में स्टार्टअप के क्षेत्र का विस्तार हुआ है। आज हम पहले से कहीं ज्यादा शोध व नवोन्मेष पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं तथा हमें इसके परिणाम भी मिल रहे हैं। हमारा काम है इन्नोवेशन ईकोसिस्टम की प्रत्येक अवस्था में उपस्थित रहना ताकि हम आविष्कारकों को उनके विचार तथा प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट को बाजार तक पहुंचाने में सहायक हो सकें।”

बीआईआरएसी की जैवप्रौद्योगिकी विभाग की वरिष्ठ सलाहकार तथा बीआईआरएसी की प्रबंध निदेशक डॉ. रेणु स्वरूप ने कहा, “देश में बायोटेक इन्नोवेशन ईकोसिस्टम की वृद्धि में बीआईआरएसी ने एक बड़े उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है। आज, 500 से अधिक स्टार्टअप व लघु एवं मध्यम उद्यम तथा 100 उद्यमी इस ईकोसिस्टम का हिस्सा हैं। इसके अलावा इस समय हमारे पास 50 उत्पाद ऐसे हैं जो विकास एवं कारोबारीकरण की विभिन्न अवस्थाओं में हैं।”

इजराइल के योज्मा ग्रुप के संस्थापक, चेयरमैन व प्रबंध निदेशक यिगल ऐलरिच ने कहा, “भारत ने विश्व को ‘शून्य’ से परिचित कराया और उसके बाद दुनिया बदल गई। भारत को आविष्कार और नवाचार में योगदान के लिए जाना जाता है। इजराइल और भारत एक दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं। भारत दुनिया में बायोटेक्नोलॉजी का एक बड़ा केन्द्र बनने की राह पर प्रगति कर रहा है।”

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