VHP अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के बगावती सुर को देखते हुए संघ उन पर करने जा रहा है ये कार्रवाही..

250

19 जनवरी, 2018 – विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया को लेकर बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसके बाद हिंदू संगठनों में इसकी चर्चा हो रही है.

VHP अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के बगावती सुर को देखते हुए संघ उन पर करने जा रहा है ये कार्रवाही..
प्रवीण तोगड़िया : विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष

दरअसल प्रवीण तोगड़िया के तेवर संघ को रास नहीं आ रहे हैं. इसी को लेकर तोगड़िया का जाना तय है. अब संघ खुद चाहता है कि आदेश के अनुसार तोगड़िया और विहिप के अध्यक्ष राघव रेड्डी को तुरंत पद छोड़ देना चाहिए. अगर इन्होंने ऐसा नहीं किया तो इनको हटाने की कार्रवाही तेजी से शुरू की जाएगी. संघ ने फरवरी के अंत तक भारतीय किसान संघ, मजदुर संघ और इसके आलावा कुछ संगठनो के साथ मिलकर परिवर्तन की दिशा में नए तरीके से काम करने की तैयारी की है. संघ मिशन 2019 के लिए सरकार विरोधी रुख को जड़ से मिटाना चाहता है. 

संघ के ही एक अधिकारी के अनुसार तोगड़िया और रेड्डी सहित कई संगठनो के कुछ अन्य लोगों को पद छोड़ने के लिए पहले से ही निर्देश दिए जा चुके हैं. वैसे भी इनका कार्यकाल अब समाप्त हो गया है. तोगड़िया का मोदी के खिलाफ बयानबाजी करने के बाद संघ इनसे बहुत नाराज है. इससे पहले गुजरात चुनाव के समय तोगड़िया की विरोधी छवि के चलते संघ इनसे नाराज हुआ था और इनको हटाने की मांग भी की जा रही थी.  

VHP अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के बगावती सुर को देखते हुए संघ उन पर करने जा रहा है ये कार्रवाही..

तोगड़िया के कारण विश्व हिंदू परिषद में इन दिनों काफी चर्चाएँ हो रही हैं और संघ का माहौल गरमाया हुआ है. ऐसे नेताओं के तेवरों से बदली परिस्थितियों में संघ ने अपनी योजना की पटकथा को नए तरीके से लिखा है. अब संघ मन बना चुका है कि इस विवाद को ख़त्म करने के लिए इन सभी नेताओं को हर हाल में पद छोड़ना ही होगा. अगर ऐसा नहीं करते हैं तो इनको पद से हटाने के लिए कार्रवाही को और भी तेज किया जायेगा. 

वेलिंगकर जैसा हाल होने का भय..

संघियों को वेलिंगकर के जैसा हश्र होने का डर भी सता रहा है क्योंकि परिवर्तन की दिशा में काम करते हुए वेलिंगकर ने विवाद को भड़काया था. सुभाष वेलिंगकर गोवा में संघ के प्रमुख थे और 2016 में उन्होंने भी संघ की पीठ में छुरा घोपते हुए संगठन की किरकिरी करा दी थी. वेलिंगकर की तरह ही तोगड़िया का भी विहिप और बजरंग दल में गहरा प्रभाव है. इसी कारण से संघ चाहता है कि तोगड़िया तत्काल ही पद को छोड़ दें.   

Loading...