मोदी सरकार के अंतर्गत बनाई जा रही इस शानदार योजना को जानकर शर्मिंदा हुए विरोधी..

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भारतीय रेलवे पूरे देशभर में 7,000 स्टेशनों पर जन औषधि स्टोर्स के साथ प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर खोल सकता है और वहां पर सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगा सकता है. 2018-19 के बजट में जिस देशव्यापी हेल्थकेयर प्लान का प्रस्ताव रखा गया है, रेलवे उसके अंतर्गत इस कदम उठाएगा।

मोदी सरकार के अंतर्गत बनाई जा रही इस शानदार योजना को जानकर शर्मिंदा हुए विरोधी..
भारत के प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी

हम आपको बता दें कि रेलवे मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव दिया था कि इस इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग साधारण चार्जेज पर हेल्थकेयर सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जाए. मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी द्वारा बताया गया है कि हमारे पास गांव के साथ देश भर में एक मजबूत नेटवर्क है, जिसका उपयोग केंद्र सरकार प्राइमरी हेल्थकेयर सर्विसेज देने के लिए कर सकता है.

ये योजना बनाने के लिए रेलवे मंत्रालय हेल्थ और फैमिली वेलफेयर मंत्रालय साथ में कार्य कर रहें है. इसके अंतर्गत बेसिक डायग्नोस्टिक सेंटर लगाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को भी आमंत्रित किया जाएगा. अधिकारी द्वारा बताया गया कि रिटायर्ड डॉक्टरों और एक्स-आर्मी हॉस्पिटल स्टाफ की इस कार्य में मदद लेने का भी प्रस्ताव है.

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सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें image source

बता दें कि रेलवे इस योजना की शुरुआत पूरे देशभर में स्टेशनों पर सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाकर करेगा. अधिकारी द्वारा बताया गया कि सरकार लोगों को रियायती दाम पर सैनिटरी पैड्स देना चाहती है. इस मशीनें को लेडीज टॉइलेट्स में लगाया जा सकत हैं. बता दे कि रेलवे मंत्री पीयूष गोयल और विमिन ऐंड चाइल्ड डिवेलपमेंट मिनिस्टर मेनका गांधी के बीच हालिया मीटिंग में इस विषय पर चर्चा हुई थी. जन औषधि स्टोर खोलने के लिए रेलवे मंत्रालय ने केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मासूटिकल को जगह देने का प्रस्ताव रखा है.

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प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि परियोजना image source

केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री द्वारा प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि परियोजना लॉन्च की गयी थी, जिसका मुख्य कार्य स्टोर्स के माध्यम से कम दाम में दवाएं उपलब्ध कराना है. इन स्टोर्स का नाम प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्ररखा जाएगा. कुलियों और उनके परिवार को कम दाम में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की एक योजना पर भी रेलवे मंत्रालय कार्य कर रहा है. बता दे कि फ़िलहाल में रेलवे स्टेशनों पर लगभग 20 हजार कुली काम करते हैं.

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अरुण जेटली वित्त मंत्री

सरकार द्वारा 2018-19 के बजट में नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम का ऐलान किया गया था. इसके अंतर्गत गरीब वर्ग के 50 करोड़ लोगों को क्वॉलिटी हेल्थ कवर दिया जाएगा. स्कीम के दायरे में आने वाले परिवारों को साल में 5 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस कवर मिलेगा. वे किसी भी सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा पाएंगे. 

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