अलगाववादी नेता जिहादी मीरवाइज ने आतंकवाद को लेकर दिया देशद्रोही बयान..

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19 अगस्त 2017- नोहट्टा इलाके के जामिया मस्जिद में नमाज के दौरान वरिष्ठ कश्मीरी अलगाववादी नेता ‘मीरवाइज उमर फारूक’ ने शुक्रवार (18 अगस्त) को भारत को बताते हुए कहा कि दमन से कश्मीर की समस्या कभी भी हल नहीं हो सकती है, साथ ही कहा कि अगर आप एक आतंकवादी को मारेंगे तो दस और आतंकवादी पैदा होंगे.

अलगाववादी नेता जिहादी मीरवाइज ने आतंकवाद को लेकर दिया देशद्रोही बयान..

इस तीखे भाषण में मीरवाइज उमर ने कहा, “आक्रामकता और दमन कभी मुद्दों को हल नहीं कर सकते, बल्कि केवल उन्हें बढ़ाते हैं.” मीरवाइज ने कहा की जब तक दमन और सुरक्षा बल रहेंगे तो राज्य में प्रतिक्रिया होती रहेगी.

आप एक (आतंकी) को मारेंगे तो 10 खड़े होंगे. उन्हें (आतंकवादियों को) मारना किसी समस्या का हल नहीं है, इसका सबूत उनके जनाजे में लोगों की भारी भीड़ का होना है.

उन्होंने कहा, “जो लोग सोचते हैं कि कश्मीर की समस्या आतंकवादियों को मारने से खत्म हो जाएगी, उन्हें यह जरूर जान लेना चाहिए कि आतंकवाद दमन की एक प्रतिक्रिया है.”

हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज का कहना है कि जम्मू एवं कश्मीर के लोग अपनी राजनीतिक समस्या के आखिरी फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं और केवल आखिरी फैसले से ही उनकी तकलीफें खत्म होंगी.

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान संभव है, बशर्ते तथ्यों को ‘करुणा, मानवता और पारस्परिक सम्मान’ के साथ स्वीकार करने की इच्छा हो.

अलगाववादी नेता जिहादी मीरवाइज ने आतंकवाद को लेकर दिया देशद्रोही बयान..

जब मीरवाइज ने यह कहा कि दमन कश्मीर पर ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद‘ के प्रस्तावों के अनुसार आत्मनिर्णय की मांग करने के अधिकार से लोगों को रोक नहीं सकता, तो भीड़ ने आजादी के समर्थन में नारे लगाए.

इस भाषण के तुरंत बाद कुछ युवकों ने नौहट्टा में सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी भी की. सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को बचाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. लेकिन, प्रदर्शनकारी बार-बार गलियों से निकलकर एकत्र हुए जा रहे थे. पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में कई लोग घायल भी हुए थे.

मीरवाइज का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके द्वारा ‘प्रधानमंत्री मोदी’ के स्वतंत्रता दिवस के भाषण का स्वागत करने के तीन दिन बाद आया है. मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि न गोली से न गाली से, कश्मीर की समस्या का हल गले लगाने से होगा.

छह सप्ताह से घर में नजरबंद मीरवाइज पर से अधिकारियों ने शुक्रवार (18 अगस्त) को प्रतिबंध हटा दिया, जिसके बाद उन्होंने जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज अदा की और लोगों को संबोधित करते हुए यह भाषण दिया था.

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