आतंकवाद के खिलाफ भारत के कूटनीति दबाव का दुनिया में दिखा असर! फ्रांस के बाद मसूद अजहर के खिलाफ जर्मनी लेगा बड़ा फैसला…

255

After France against Masood Azhar Germany will take a big decision (जर्मनी) : 14 फ़रवरी को जम्मू-कश्मीर के ‘पुलवामा आतंकी हमले’ में ‘सीआरपीएफ’ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले के जिम्मेदारी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ ने ली थी. जिसके बाद से ही आतंकवाद को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर निशाना साधना शुरू कर दिया. सूत्रों की माने तो इस हमले के गुनहगार आतंकी ‘मसूद अजहर’ पर फ्रांस के बाद अब जर्मनी भी प्रतिबंध लगा सकता है.

आतंकवाद के खिलाफ भारत के कूटनीति दबाव का दुनिया में दिखा असर! फ्रांस के बाद मसूद अजहर के खिलाफ जर्मनी लेगा बड़ा फैसला...

ध्यान देने वाली बात यह है कि ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के सरगना ‘मसूद अजहर’ को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने वाली भारत की मुहिम में जर्मनी ने भी समर्थन करते हुए मसूद की संपत्ति जब्त करने के संकेत दिए हैं. कुश समय पहले फ्रांस ने जैश सरगना मसूद की संपत्तियों को जब्त करने का फैसला किया था.

यह भी पढ़े : जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के खिलाफ भारत के बाद फ्रांस के इस धमाकेदार कदम से पाकिस्तान में फैली सनसनी…

फ्रांस ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि मसूद अजहर विश्व शांति के लिए एक बड़ा खतरा है. जर्मनी ने भी यही बात दोहराई ही. 27 फ़रवरी को फ्रांस ने ही ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ (यूएनएससी) में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था. इस प्रस्ताव का जर्मनी और अमेरिका ने भी समर्थन किया था, परंतु चीन ने ‘वीटो’ का उपयोग कर चौथी बार ऐसा होने से रोक दिया था. 

आतंकवाद के खिलाफ भारत के कूटनीति दबाव का दुनिया में दिखा असर! फ्रांस के बाद मसूद अजहर के खिलाफ जर्मनी लेगा बड़ा फैसला...

पुलवामा आतंकी हमले को भारत न तो भूला है, न ही भूलेगा – अजित डोभाल 

पुलवामा हमले को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ‘अजीत डोभाल’ ने कहा कि इस हमले को भारत न तो भूला है और न ही कभी भूलेगा. मैं आपको आश्वासन देता हूं कि देश का नेतृत्व इस तरह के आतंकी हमलों से और ‘आतंकवाद’ को बढ़ावा देने वालों से कारगर तरीके से निपटने में पूरी तरह सक्षम है.

मंगलवार 19 मार्च को सीआरपीएफ के 80वें स्थापना दिवस के मौके पर उन्होंने कहा कि हमें क्या करना चाहिए, हमारा रास्ता, हमारा उद्देश्य, हमारी प्रतिक्रिया और जवाब देने का समय क्या होना चाहिए? इन सबके लिए देश का नेतृत्व सक्षम और साहस से भरा है. देश हर प्रकार की चुनौती से निपटने में सक्षम है और यह साहस हमारे अंदर है.

आतंकवाद के खिलाफ भारत के कूटनीति दबाव का दुनिया में दिखा असर! फ्रांस के बाद मसूद अजहर के खिलाफ जर्मनी लेगा बड़ा फैसला...

इस मौके पर उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि यह त्रासदीपूर्ण घटना थी. देश इन जवानों और इनके परिवारों को हमेशा कर्जदार रहेगा. सूत्रों की माने तो पुलवामा हमले में शहीद जवानों के सम्मान में सीआरपीएफ के जवानों ने इस बार ‘होली’ नहीं मनाने का फैसला किया है.

loading...