अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ ये फैसला! साथ ही मसूद अजहर और हाफिज सईद अब भी…

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After international pressure on terrorism Pakistan took this decision against terrorist organizations (लाहौर) : इस बात को आप भलीभांति जानते हैं कि 14 फ़रवरी को ‘पुलवामा आतंकी हमले’ के बाद से ही ‘भारत’ और ‘पाकिस्तान’ के बीच तनाव बना हुआ है. इसी बीच आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया, लेकिन आतंक सरगना को अब भी नजरअंदाज किया है.

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ ये फैसला! साथ ही मसूद अजहर और हाफिज सईद अब भी...

सूत्रों की माने तो पाकिस्तान ने अपने देश में चल रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू की, परंतु जैसे ही इस बात की जानकारी जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत को लगी तो उनके पदाधिकारी और प्रमुख कार्यकर्ता भूमिगत हो गए. आपको बता दें कि ये दोनों संगठन मुंबई हमले के मास्टमाइंड ‘हाफिज सईद’ के हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि ‘हाफिज सई और ‘जैश-ए-मोहम्मद’ सरगना ‘मसूद अजहर’ सुरक्षा बलों के घेरे में नजरबंद हैं.

पाकिस्तान में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल ‘लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा, फलाह-ए-इंसानियत और जैश-ए-मुहम्मद’ के खिलाफ कार्रवाई की है. इसके तहत जैश सरगना मसूद अजहर के बेटे और भाई समेत एक सौ से ज्यादा आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि हाफिज सईद को नजरबंद किया गया है.

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ ये फैसला! साथ ही मसूद अजहर और हाफिज सईद अब भी...

पाकिस्तान की ‘इमरान सरकार’ का कहना है कि यह कार्रवाई ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (एफएटीएफ) द्वारा दिए गए आदेशों के कारण की गई, परंतु इस कार्रवाई के बावजूद ‘जेयूडी’ और ‘एफआइएफ’ के तमाम बड़े पदाधिकारी और प्रमुख कार्यकर्ता इस कार्रवाई के बचने में सफल रहे. वे भूमिगत होकर अपनी गतिविधियां चला रहे हैं.

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सूत्रों की माने तो जमात की मीडिया टीम भी भूमिगत है. दरअसल वह कोई बयान जारी नहीं कर रही है. संगठन की मीडिया टीम से जुड़े ‘याह्या मुजाहिद’ और ‘अहमद नदीम’ ने बताया है कि समय के साथ सरकारी कार्रवाई थमेगी, तब फिर से सब मिलकर काम करेंगे.

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ध्यान देने वाली बात यह है कि बीते 20 साल में पहली बार हाफिज सईद को लाहौर में उसके ‘जमात-उद-दावा’ मुख्यालय में स्थित मस्जिद में तकरीर देने से रोका. सरकारी प्रवक्ता के जानकारी के अनुसार इमरान सरकार ने अभी हाफिज सईद और मसूद अजहर को नजरबंद रखने का निर्णय लिया है.

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