अमेरिका ने ये बड़ा एलान कर, दिया पाकिस्तान और आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को..

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अमेरिका ने पाकिस्तान को एक बार फिर बड़ा झटका दे दिया , दरअसल अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी दल की सूची में डाल दिया है.

अमेरिका ने ये बड़ा एलान कर, दिया पाकिस्तान और आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को..

आपको बता दे कि अमेरिका इस आतंकवादी संगठन के “सरगना सैयद सलाहुद्दीन” को पहले ही अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर चुका है, हिज्बुल मुजाहिदीन कश्मीर में सक्रिय है.

पाकिस्तान का आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी घोषित करने के करीब दो महीने बाद बुधवार को अमेरिका ने कश्मीर में सक्रिय उसके संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को विदेशी आतंकी समूह घोषित कर दिया है. .

कश्मीर में हाल के महीनों में हिज्बुल की बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए अमेरिका ने यह फैसला किया है कि वह आतंकी समूह घोषित होने के बाद उस पर अमेरिका की तरफ से कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाएँगे.

अमेरिकी के विदेश मंत्रालय का कहना है कि हिज्बुल मुजाहिदीन को आतंकी हमले करने के लिए, संसाधनों से उपेक्षित करने के प्रयास के तहत उसे आतंकी समूह घोषित किया जाता है.

अमेरिका ने ये बड़ा एलान कर, दिया पाकिस्तान और आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को..

इस फैसले के बाद अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली हिज्बुल की सभी संपत्तियों और संपत्ति से जुड़े उसके हितों पर रोक लग जाएगी तथा अमेरिका का कोई भी व्यक्ति इस समूह के साथ किसी तरह का लेनदेन नहीं कर सकेगा.

अमेरिका का यह कड़ा फैसला पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है, जो इस समूह को कश्मीरी लोगों की आवाज के तौर पर पेश करता आ रहा है.

पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल ‘कमर जावेद बाजवा’ और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकी संगठन हिज्बुल के कमांडर बुरहान वानी की कई बार तारीफ भी की थी. आतंकी बुरहान पिछले साल जुलाई में कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथो मारा गया था.

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सूत्रों के अनुसार आतंकी संगठन हिज्बुल का गठन 1989 में हुआ था और यह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सबसे पुराने और बड़े आतंकी संगठनों में से एक है. जिसने जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी हिज्बुल मुजाहिदीन ने ली है.

अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है कि आतंकवाद से जुड़ा घोषित होने से संगठन और उससे जुड़े सभी व्यक्ति बेनकाब होते हैं तथा एक दूसरे से अलग भी हो जाते है. अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था तक उनकी पहुंच खत्म हो जाती है. इस कड़े कदम से अमेरिका और अन्य सरकारों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को काफी मदद हासिल होती है.

भारत के प्रधानमंत्री ‘नरेन्द्र मोदी’ और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सोमवार (26 जून) को होने वाली बैठक से ठीक पहले अमेरिका ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के नेता सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है.

अमेरिका ने ये बड़ा एलान कर, दिया पाकिस्तान और आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को..

अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है, कि उसने सैयद सलाहुद्दीन के नाम से मशहूर मोहम्मद यूसुफ शाह को मुख्य रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) घोषित कर दिया है.

अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है कि 2016 में सलाहुद्दीन ने कश्मीर में शांति भंग करने का जिम्मा लिया था. सलाहुद्दीन ने ज्यादा से ज्यादा कश्मीरी युवाओं को आत्मघाती हमलावर बनाने की चेतावनी देते हुए कहा था कि कश्मीर घाटी को ‘भारतीय सुरक्षाबलों के लिए कब्रस्तान’ में बदल दिया जाएगा.

हिजबुल मुजाहिदीन के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन के नेतृत्व में हिजबुल ने जम्मू एवं कश्मीर में अप्रैल, 2014 को हुए बम विस्फोट हमले सहित अनेक आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी भी ली.

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