2007 हैदराबाद ब्लास्ट : एनआईए कोर्ट का सामने आया बड़ा फैसला! जिसके बाद सदमे में आरोपी

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RN Times : आज से 11 साल पहले 25 अगस्त 2011 को ‘हैदराबाद’ में दो बम धमाके हुए थे. जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई थी और 50 लोग घायल हुए थे. इस बम धमाके की घटना में शामिल 4 लोगों को लेकर ‘राष्ट्रीय जांच एजेंसी’ (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुना दिया है.
Court convicts 2 people in Hyderabad Blast 2007
सूत्रों की मै तो न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है जबकि दो को बरी कर दिया है. दोनों आरोपियों के नाम ‘अनीक शफीक सैयद’ और ‘इस्माइल चौधरी’ हैं. जबकि पांचवे आरोपी समेत और आरोपियों की सजा का ऐलान सोमवार को किया जाएगा. जानकारी के अनुसार ये धमाके गोकुल चाट और लुंबिनी पार्क में हुए थे. इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा था जिसे इसी साल जून में ‘नामपल्ली अदालत परिसर’ से ‘चेरलापल्ली केंद्रीय परिसर’ की एक अदालत में स्थानांतरित किया गया.
Court convicts 2 people in Hyderabad Blast 2007
सूत्रों की माने तो 7 अगस्त को सत्र न्यायाधीश ‘श्रीनिवास राव’ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए 27 अगस्त तय की थी. जिसके बाद न्यायालय ने यह फैसला 4 सितंबर के लिए टाल दिया. जानकारी के अनुसार इन धमाकों के पीड़ितों के परिवारवालों ने इसकी 11वीं बरसी मनाई.

Court convicts 2 people in Hyderabad Blast 2007
श्रीनिवास राव

तेलंगाना पुलिस की ‘काउंटर इंटेलिजेंस’ (सीआई) ने इस मामले की जांच की थी और आरोपियों के खिलाफ तीन आरोप पत्र दायर किए थे. इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों में से कुछ अभी भी फरार हैं.

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हैदराबाद में हुए इन बम धमाकों से हैदराबाद समेत पूरे भारत में हड़कंप मच गया. एक धमाका गोकुल चाट में हुआ जबकि दूसरा लुंबिनी पार्क में हुआ. 
Court convicts 2 people in Hyderabad Blast 2007
ध्यान देने वाली बात यह है कि लुंबिनी पार्क में जो धमाका हुआ वहां पर एक व्यक्ति अपने साथ लिए हुए बैग में आईईडी लेकर पहुंचा था. चश्मदीदों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बम फटने के बाद आसपास लाशों के ढेर लग गए थे. इन धमाकों में मरने वालों में सबसे अधिक छात्र थे, जो कि महाराष्ट्र के रहने वाले थे. लुंबिनी पार्क में बम धमाका शाम 7 बजकर 30 मिनट पर हुआ था. जिसके बाद इस मामले में पहली गिरफ्तारी जनवरी 2009 को हुई.

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