चारा घोटाला को लेकर आया कोर्ट का ये बड़ा फैसला! लालू यादव को साढ़े तीन साल..

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दिल्ली: चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख ‘लालू प्रसाद यादव’ Image Source

लालू को यह सजा विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई गई। आपको बता दे की अब लालू यादव को इस अदालत से जमानत नहीं मिल सकेगी। जमानत के लिए लालू यादव को अब हाईकोर्ट में अपील करनी होगी. यदि लालू प्रसाद यादव 5 लाख रुपये का जुर्माना नहीं चुकाते है, तो उन्हें 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

फैसले के बाद लालू यादव के वकील ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे. लालू के अलावा अन्‍य दोषी फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, सुनील कुमार, सुशील कुमार, सुधीर कुमार और राजाराम को साढ़े तीन साल की सजा व 5 लाख रुपये जुर्माना लगा है।

फैसले से पहले सभी दोषी वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये अदालती कार्रवाई में शामिल हुए. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह  ने सजा सुनाए जाने के दौरान कहा, ‘इन दोषियों के लिए एक खुली जेल बेहतर होगी, क्‍योंकि उन्‍हें गाय पालन का अनुभव भी है’.

लालू यादव की सजा पर फैसले से पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘लालू यादव जी को केंद्र सरकार ने एक साजिश के तहत फंसाया है. सीबीआई केंद्र के इशारों पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि लालू जी फंसाने आरजेडी टूटने वाली नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हम किसी साजिश से डरने वाले नहीं हैं. तेजस्वी ने कहा कि लालू कोई व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा का नाम है’.

लालू के बेटे तेज प्रताप यादव Image Source

लालू को सीबीआई कोर्ट से सजा मिलने के बाद कई राजनेताओं की प्रतिक्रियायें सामने आ रही हैं। इस मामले को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और लालू के बेटे तेज प्रताप यादव का कहना है कि, ज्यूडिशिरी ने अपना काम कर दिया। हम सजा को पढ़ने के बाद हाई कोर्ट जाएंगे और बेल के लिए आवेदन देंगे। तो वही जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि हम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं, बिहार की राजनीति में यह ऐतिहासिक फैसला है। साथ ही उन्होंने इसे एक अध्याय का अंत बताया है।

दरअसल, कोर्ट में शुक्रवार को इनकी सजा पर बहस पूरी हुई थी जबकि पांच अन्य की सजा पर बहस एक दिन पहले ही हो गई थी। लालू के वकील चितरंजन प्रसाद ने बताया कि लालू की विशेष सीबीआई जज शिवपाल सिंह की कोर्ट में वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए बिरसा मुंडा जेल से पेशी कराई गई। गौरतलब है कि इसी जेल में लालू यादव 23 दिसंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद से बंद हैं। उन्होंने जज ने अपनी उम्र और बीमारी के चलते सजा में रहम बरतने की अपील की थी।

मामला बिहार पशुपालन विभाग से करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़ा है। उस वक्त लालू यादव राज्य के सीएम थे। वर्ष 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की फर्जीवाड़ा कर अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकासी के इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे, जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्तूबर 1997 को मुकदमा दर्ज किया था और लगभग 21 साल बाद इस मामले में गत 23 दिसंबर को फैसला आया।

‘चारा घोटाला’ मामले में कुल 56 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें राजनेता, अफसर और चारा सप्लायर तक जुड़े हुए हैं। आपको बता दें कि इस घोटाले से जुड़े 7 आरोपियों की मौत हो चुकी है जबकि 2 सरकारी गवाह बन चुके हैं तथा 1 ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और एक आरोपी को कोर्ट से बरी किया जा चुका है।

लालू प्रसाद यादव Image Source

सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में 23 दिसंबर को लालू प्रसाद समेत तीन नेताओं, तीन आईएएस अधिकारियों के अलावा पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी सुबीर भट्टाचार्य तथा आठ चारा आपूर्तिकर्ताओं सुशील कुमार झा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय कुमार अग्रवाल, ज्योति कुमार झा, सुनील गांधी तथा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को अदालत ने दोषी करार देकर जेल भेज दिया था।

सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि देवघर कोषागार से फर्जीवाड़ा कर अवैध ढंग से धन निकालने के इस मामले में लालू प्रसाद एवं अन्य के खिलाफ सीबीआई ने आपराधिक साजिश, गबन, फर्जीवाड़ा, साक्ष्य छिपाने, पद के दुरुपयोग आदि से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120बी, 409, 418, 420, 467, 468, 471, 477ए, 201, 511 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

इसके अलावा कोर्ट ने मामले में लालू यादव को दोषी घोषित क्रेत हुए उनकी लोकसभा की सदस्यता छीन ली और उन पर 11 साल तक कोई चुनाव लड़ने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है।

 

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