AMU के पूर्व छात्र आतंकी मन्नान वानी की मौत को लेकर ट्विटर पर भिड़े गौतम गंभीर और उमर अब्दुल्ला

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Gautam Gambhir and Omar Abdullah clash over the death of terrorist Mannan Wani (नई दिल्ली) : सूत्रों की माने तो माने ‘जम्मू-कश्मीर’ के हंदवाड़ा में ‘भारतीय सेना’ ने एनकाउंटर में हिजबुल मुजाहिद्दीन एक आतंकी को मौत के घाट उतार दिय. जिसकी पहचान ‘मन्नान वानी’ के रूप में हुई है. मारे गए आतंकी को लेकर भारतीय क्रिकेटर ‘गौतम गंभीर’ और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ‘उमर अब्दुल्ला’ के बीच ट्विटर वार छिड़ गया है.

AMU के पूर्व छात्र आतंकी मन्नान वानी की मौत को लेकर भिड़े ट्विटर पर गौतम गंभीर और उमर अब्दुल्ला
मन्नान वानी

शुक्रवार 12 अक्टूबर को आतंकी मन्नान वानी के एनकाउंटर को लेकर ‘गौतम गंभीर’ ने ‘कांग्रेस, भाजपा, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती’ को टैग करते हुए ट्वीट किया. ट्विट करते हुए गौतम ने लिखा है कि ‘आपको शर्म से सिर नीचे कर लेना चाहिए, क्योंकि आपके कारण एक युवा किताब से गोलियां चलाने पर मजबूर हुआ है. हमने एक आतंकी, एक कट्टर टैलेंट को मारा है.’

इस ट्विट को लेकर उमर अब्दुल्ला ने जवाब देते हुए लिखा है कि ‘इस व्यक्ति (गंभीर) को नक्शे पर मन्नान के घर का जिला भी नहीं पता होगा, मगर ये बात कर रहे हैं कि कैसे एक युवा कश्मीर में बंदूक उठा लेता है. गंभीर को कश्मीर के बारे में उतना ही पता है, जितना मुझे क्रिकेट के बारे में. मुझे क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं मालूम.’

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जानकारी के अनुसार गौतम और अब्दुल्ला के बीच ट्वीट पर जंग बढ़ती चली गई. गौतम गंभीर ने उमर के नक्शे का मामला उठाने को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘आप मैप (नक्शे) के बारे में बात मत ही करो, आपने तो कश्मीर को पाकिस्तान के नक्शे में जोड़ने में बहुत मेहनत की है. आप बताओ कि आपने और आपके साथी नेताओं ने कश्मीरी युवा के लिए किया ही क्या है?’

जिसके जवाब देते उमर अब्दुल्ला ने लिखा है कि ‘हाल ही में मेरी पार्टी के दो साथियों कि आतंकियों ने हत्या कर दी थी. साल 1988 से अब तक पार्टी के हजार से अधिक कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं. मैं राष्ट्रवाद और बलिदान पर आपसे बहस नहीं करना चाहता, जिसको इसका अर्थ ही न पता हो.’

उमर के इस ट्विट पर गौतम ने ट्विट करते हुए लिखा है कि ‘उमर अब्दुल्ला जी आप अकेले नहीं है, आप जैसे अधिकांश राजनेता हैं, जिन्हें शीशा देखने की आदत नहीं है. यही कारण है कि आज देश में खून बह रहा है. राष्ट्रवाद और बलिदान को वास्तविक चरित्र के पुरुषों की आवश्यकता है, न कि आप जैसे दिखावटी लोगों की, जिनका दिखावटी प्रेम सोशल मीडिया के 280 शब्दों की लिमिट में सीमित है,’

ध्यान देने वाली बात यह है कि 11 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान हिज्बुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को ढेर किया था. इसमें ‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ (एएमयू) का पूर्व छात्र और रिसर्च स्कॉलर ‘मन्नान वानी’ भी शामिल था. मन्नान ‘हिजबुल मुजाहिद्दीन’ का स्थानीय कमांडर भी था.

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