जम्मू-कश्मीर : पत्थरबाजों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपनाई ये रणनीति, दो पत्थरबाजों को किया गिरफ्तार

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Jammu and Kashmir: Police have changed the identity of stonebag by two people (श्रीनगर) : अभी-अभी ‘जम्मू-कश्मीर’ से पत्थरबाजों को लेकर रक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. जिसके बाद पत्थरबाजों में डर का माहौल बना हुआ है. सूत्रों की माने तो घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन पत्थरबाजों से निपटने का तोड़ निकाल लिया है. दरअसल, घाटी में अशांति फैला रहे इन पत्थरबाजों से निपटने के लिए पुलिस खुद ‘पत्थरबाज’ भीड़ में शामिल हो रही है. 

Jammu and Kashmir: Police have changed the identity of stonebag by two people

नकली पत्थरबाज Vs असली पत्थरबाज

घाटी में पत्थरबाज सुरक्षाबलों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं. जिससे निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने कुछ जवानों को तैयार किया है. रणनीति के अनुसार ये जवान सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर पत्थरबाजी कर रहे पत्थरबाजों के झुंड में भेष बदलकर शामिल हो जाएंगे. जिससे ये नकली पत्थरबाज (जवान) पथराव के पीछे के असली पत्थरबाजों को दबोच सके. 

अगुवाई कर रहे दो पत्थरबाजों को दबोचा

शुक्रवार 7 सितंबर को जुमे की नमाज के दौरान भी घाटी की पुलिस ने यही तरीका अपनाया. जुमे की नमाज के दौरान पहले की तरह इस बार भी पत्थरबाजों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी, परंतु इस बार रणनीति के तहत हिंसक प्रदर्शन के दौरान कुछ पत्थरबाजों का भेष बदलकर आए और पत्थरबाजों की भीड़ में शामिल हो गए और पथराव कर रहे दो पत्थरबाजों को दबोच लिया. कहा जा रहा है कि यह दोनों पत्थरबाज भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे.

Jammu and Kashmir: Police have changed the identity of stonebag by two people
पुलिस ने पत्थरबाज को किया गिरफ्तार

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पत्थरबाजों की भीड़ में शामिल जवानों ने पथराव का नेतृत्व कर रहे पत्थरबाजों की पहचान कर ली और फिर बनाई गई योजना के अनुसार आंसू गैस का एक गोला छोड़ा गया, जिसके बाद भीड़ में छिपे पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे दो पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया और गिरफ्तार किये गए दोनों को थाने ले गए. कहा जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद पत्थरबाजों को डराने के लिए हाथ में नकली बंदूक भी ले रखी थी.

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इसके आगे पुलिस ने कहा है कि शुक्रवार 7 सितंबर को श्रीनगर में जुमे की नमाज के बाद भीड़ ने पुलिस और ‘सीआरपीएफ’ का जवानों पर पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी, दरअसल जवानों की तरफ से किसी तरह की कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की गई. जिसके चलते न ही सुरक्षाकर्मियों ने पत्थरबाजों की भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े और न ही लाठीचार्ज किया. जैसा कि पत्थरबाजों को हटाने के लिए सुरक्षाकर्मी करते हैं.

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पत्थरबाजों के खिलाफ रंग लगाई रणनीति

पत्थरबाजों के खिलाफ बनाई गई पुलिस की ये रणनीति रंग लगाई. पुलिस की इस रणनीति को देखकर वहां मौजूद सभी लोग दंग रह गए और उन्हें तत्काल अपना प्रदर्शन भी समाप्त करना पड़ा. सूत्रों की माने तो शुक्रवार 7 सितंबर को कश्मीर के कई क्षेत्रों में हिंसक घटनाएं हुई हैं.

Jammu and Kashmir: Police have changed the identity of stonebag by two people
जम्मू-कश्मीर पुलिस

जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि हर शुक्रवार की तरह 7 सितंबर को भी जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाजों ने हंगामा शुरू कर दिया. जिनमें 100 से अधिक लोग घायल हो गए. साथ ही  इस तरह की रणनीति साल 2010 में अपनाई गई थी, जब पत्थरबाजों की पहचान और उनको गिरफ्तार करने के लिए भीड़ में कई पुलिसकर्मी शामिल हो गए थे.

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