कैराना पलायन! वापस लौटने को तैयार नहीं हैं हिन्दू, इसके पीछे बताई ये चौंका देने वाली वजह

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लखनऊ : जानकारी के अनुसार आपको याद दिला दें कि यह बात साल 2014 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना की है. जहां कुख्यात ‘मुकीम काला’ गैंग कारोबारी ‘शिव कुमार सिंघल’ और ‘राजेंद्र कुमार गर्ग’ को बार-बार 10 लाख रुपये देने के लिए धमकियां दे रहा था. धमकी के बाद दोनों कारोबारियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.

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मुकीम काला

उसके बाद दोनों कारोबारियों से 8 महीने बाद यह सुरक्षा वापस ले ली. जैसे ही इन कारोबारियों से सुरक्षा ली गई उसके 2 महीने बाद अगस्त 2014 में दो मोटरसाइकिल पर सवार आये चार बदमाशों ने दोनों कारोबारी ‘शिव कुमार सिंघल’ और ‘राजेंद्र कुमार गर्ग’ की गोली मारकर हत्या कर दी. अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा है कि मुकीम समेत 9 लोगों पर हत्या का मामले दर्ज हैं. साथ ही दावा करते हुए कहा है कि अपराधियों की धर-पकड़ की वजह से कैराना के हालात में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं.

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जानकारी के अनुसार साल 2017 में ‘उत्तर प्रदेश’ में ‘भाजपा’ की ‘योगी सरकार’ आने के बाद कैराना पुलिस ने उनमे से छह कथित अपराधियों का एनकाउंटर में ढेर कर दिया. राज्य की पुलिस ने कुल 42 पुलिस ऑपरेशंस किये जिनमें 32 अपराधी घायल भी हुए. ‘पुलिस एनकाउंटर’ में जो 6 बदमाश ढेर हुए हैं उनमें चार मुकाम काला गैंग के आदमी थे, जिनका नाम नौशाद, सरवर, शब्बीर और अकबर थे. गैंग के दो अन्य सदस्य वसीम और शमील को मेरठ और मुजफ्फरनगर में ढेर किया. जानकारी के अनुसार मुकीम हरियाणा के ‘यमुना नगर’ की जेल में कैद थे.

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पुलिस एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश में शामली के एसपी ‘देव रंजन वर्मा’ ने दावा करते हुए कहा है कि राज्य में पुलिस के एक्शन के बाद अब मुकीम गैंग का नेटवर्क समाप्त हो गया है. साथ ही वर्मा ने यह भी कहा है कि वर्तमान में इस गैंग का कोई भी सदस्य सक्रिय नहीं है. पुलिस के इस एक्शन में ढेर होने के बाद दोनों कारोबारियों के परिवार का विश्वास लौटा नहीं है. उनका परिवार साल 2015 में कैराना से 50 किमी दूर ‘मुजफ्फरनगर’ जा चुके हैं. अब भी उनके परिवार वापस आने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि उन्हें अब भी कैराना असुरक्षित लगता है.

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देव रंजन वर्मा

राजेंद्र कुमार गर्ग के भाई ‘मुकेश गर्ग’ ने जानकारी देते हुए कहा है कि मीडिया में खबरें है कि राज्य में पुलिस एनकाउंटर के बाद कैराना की स्थिति में सुधार हुआ है. परंतु ऐसा कुछ भी नही है. कैराना के लोग अब भी खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. लूटपाट के भय के कारण कारोबारी 6 बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकलते. इसके आगे मुकेश ने दावा करते हुए कहा है कि गैंगस्टर अब शामली से अपना गिरोह को चला रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा है कि अपने परिवार की सुरक्षा को देखते हुए वह अब मुजफ्फरनगर में रहते हैं. इसके आगे मुकेश ने कहा है कि यहां पर उन्होंने एक घर भी खरीद लिया है और वहीं मशीन पार्ट्स का कारोबार शुरू कर लिया है.

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कैराना पलायन

इसके आगे शिव कुमार सिंघल के भाई मनोज कुमार सिंघल ने जानकारी देते हुए कहा है कि कैराना से मुजफ्फरनगर आकर हार्डवेयर की दुकान शुरू की है. साथ ही मनोज ने कहा है कि हम कैराना में अपने पुश्तैनी मकान और दुकान को बेच देंगे क्योंकि अब शामली वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं आता. जानकारी के अनुसार पूर्व भाजपा सांसद ‘हुकुम सिंह’ ने दावा करते हुए कहा था कि कैराना से अब तक 346 हिंदू परिवार विस्थापित हुए हैं. इसके बाद जांच कराई गई थी. साथ ही हुकुम सिंह ने कहा है कि इस कथित विस्थापन के लिए एक समुदाय विशेष से संबंध रखने वाले अपराधियों की धमकियों और सुरक्षा की कमी को जिम्मेदार ठहराया था.

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हुकुम सिंह

पिछले महीने उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी को आदेश दिया गया था कि वह 28 फरवरी 2017 से पहले सांप्रदायिक तनाव के कारण पलायन कर रहे लोगों की सूचना एकत्रित करें. मुख्य सचिव ‘अरविंद कुमार’ ने जानकारी में कहा है कि जब विभिन्न जिलों से विस्थापन और उसके कारणों की सूचना प्राप्त हो जाएगी यों हम हिसाब से रणनीति तैयार करेंगे. 

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