राम रहीम की ‘विषकन्याओं’ का खुला राज! राम रहीम के आदेश पर करती थीं ये चौंकाने वाला काम..

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13 अगस्त, 2017 –  दो साध्वियों से रेप के जुर्म में 20 साल की सजा भुगत रहे गुरमीत राम रहीम की ‘विषकन्याओं’ पर एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है.

राम रहीम की 'विषकन्याओं' का खुला राज! राम रहीम के आदेश पर करती थीं ये चौंकाने वाला काम..

क्रूर तानाशाह की तरह डेरे में अपनी ‘सल्तनत’ चलाने वाले राम रहीम ने  ‘विष कन्याओं का दल’ भी बना रखा था जिसका कनेक्शन गुफा स्थित उसके शयन कक्ष से जुड़ा था. गुफा में ऐशो-आराम का हर सामान होने का खुलासा पहले ही हो चुका है.

ख़बरों के मुताबिक डेरे में राम रहीम की विष कन्याओं का एक ग्रुप था. इस ग्रुप की महिलाओं का काम था डेरे की सुंदर लड़कियों को अपने झांसे में लेकर राम रहीम की गुफा तक पहुंचाना. ये विष कन्या राम रहीम की बेहद खास थीं और पहले खुद भी इस सब से गुजर चुकी होती थीं.

विष कन्याओं के इस दल में वो महिलाएं शामिल थीं जो खुद कभी ना कभी गुरमीत की गुफा के जाल में फंस चुकी थीं. उम्रदराज होने के बाद उन्हें गुरमीत की हर सुख सुविधा का ध्यान रखने के काम पर लगा दिया जाता था. विष कन्याओं के दल में उन्हीं महिलाओं को शामिल किया जाता था जिन पर गुरमीत को पूरा भरोसा होता था.

ये विष कन्याए अलग-अलग तरीकों से लड़कियों को बहकाती थीं. कहती थीं कि बाबा ने उनको अपना सबसे खास शिष्य मानाकर आशीर्वाद देने के लिए बुलाया है. विष कन्याएं मासूम लड़कियों से कहती थीं कि बाबा ने उनको ‘पवित्र’ करने और आशीर्वाद देने के लिए अपने पास गुफा में बुलाया है.

किसी साध्वी के मुंह से गलती से भी डेरे या गुरमीत के खिलाफ कोई शब्द निकल जाता तो उसे ऐसी यातना दी जाती थी कि जिसे वो कभी ना भूल सके. साध्वियों को आपस में बात करने की भी इजाजत नहीं दी जाती थी.

राम रहीम की 'विषकन्याओं' का खुला राज! राम रहीम के आदेश पर करती थीं ये चौंकाने वाला काम..

ये विष कन्याएं हीं इस बात पर भी नजर रखती थीं कि डेरे की कोई भी लड़की राम रहीम के खिलाफ बात ना करे. जिसको ऐसा करते देख लिया जाता था उसको 24 घंटे तक बिना खाना-पानी के रखा जाता था. जो लड़कियां फिर भी नहीं मानती थीं उनको ‘मन सुधार कमरे’ में लेकर जाया जाता था. वहां उनको कुर्सियों से बांध दिया जाता था और पीटा जाता था.

विषकन्याएं जिन साध्वियों को गुफा में तैनाती के लायक नहीं समझती थीं, उनसे दिन रात डेरे में खाना बनाने, साफ सफाई, मंच की साज सज्जा समेत तमाम काम कराए जाते थे. वहीं सुंदर और पढ़ी-लिखी लड़कियों को गुफा की ‘सेवा’ के अलावा स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी.

गुरदास सिंह का राम रहीम जैसे दरिंदे को सजा दिलाने में नाम के शख्स का अहम रोल है. वह सीबीआई के गवाह थे. उन्होंने बताया कि उन विष कन्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. कुछ विष कन्याएं कथित तौर पर अभी डेरे में मौजूद  हैं. उनमें से एक तो प्रेग्नेंट हो जाने वाली साध्वियों का गर्भपात करवाती थी.

सोचने वाली बात यह है कि सीबीआई की चार्जशीट में जिक्र होने के बाद भी इन विषकन्याओं के खिलाफ ना तो अब तक कोई केस दर्ज हुआ है और ना ही उनकी धरपकड़ के लिए कोई कोशिश. ये जानते हुए भी कि ये विषकन्याएं गुरमीत के गुनाहों में भागीदार रही है. राम रहीम के पकडे जाने के बाद एक-एक करके सारे राज खुल रहे हैं.

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