राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कर डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल

189

Rahul Gandhi compared rss to muslim brotherhood जर्मनी : अभी-अभी जर्मनी से एक शर्मनाक खबर आई है. जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ‘राहुल गांधी’ लंदन में ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्ट्रेटजिक स्टडीज’ (आईआईएसएस) के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ‘नरेंद्र मोदी’ समेत भाजपा पर निशाना साधते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना सुन्नी इस्लामी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से की. जानकारी के अनुसार इस संगठन को कई देश आतंकी संगठन भी मानते हैं.

राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कार डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल
राहुल गांधी

सूत्रों की माने तो ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ मिस्र का सबसे पुराना और सबसे बड़ा इस्लामी संगठन है. इसको ‘इख्वान अल- मुस्लमीन’ के नाम से भी जानते हैं. इस संगठन की 1928 में ‘हसन अल-बन्ना’ ने की थी.

इस संगठन का एक खास मकसद होता है कि देश का शासन इस्लामी कानून यानी ‘शरिया’ के आधार पर चलाया जाए. वहीँ सक्रिय इस संगठन पर अरब देशों में आतंकवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगता रहा है.

राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कार डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल
हसन अल-बन्ना

इसके अलावा आतंकी संगठन ‘अल कायदा’ को भी इसका आतंकी चेहरा माना जाता रहा है. कई मौके पर इन दोनों के लिंक सामने आते रहे हैं. आतंकी संगठन अल कायदा के पूर्व प्रमुख और 9/11 अमेरिकी हमले के मास्‍टरमाइंड ‘ओसामा बिन लादेन’ भी पहले मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्‍य था. 

जानकारी के अनुसार इस संगठन ने स्थापना के बाद कई देशों में में इस्लामी आंदोलनों को काफी प्रभावित किया और मध्य पूर्व के कई देशों में इसके सदस्य हैं. पहले तो इसका मकसद इस्लाम के नैतिक मूल्यों और अच्छे कामों का प्रचार प्रसार करना था, परंतु ऐसा कुछ दिनों तक ही रहा और बहुत जल्द ही मुस्लिम ब्रदरहुड राजनीति में शामिल हो गया.

राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कार डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल
ओसामा बिन लादेन

सूत्रों की माने तो अभी मुस्लिम ब्रदरहुड को मिस्र में अवैध करार दिया जा चुका है. इस संगठ को सबसे बड़ी सफलता भी मिस्र से ही मिली. संगठन ने कई दशक तक सत्ता पर काबिज रहे राष्ट्रपति ‘होस्नी मुबारक’ को हटाने में खास भूमिका निभाई. जनांदोलनों के कारण फरवरी 2011 में राष्ट्रपति मुबारक को सत्ता से हटना पड़ा था. उस आंदोलन में मुस्लिम ब्रदरहुड की ओर ‘मोहम्मद मुरसी’ विरोध का चेहरा बने थे.

राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कार डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल
होस्नी मुबारक

आपको बता दें कि 1940 में ही इस संगठन की संख्‍या 20 लाख तक पहुंच गई थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यही कारण है कि संगठन के संस्थापक बन्ना ने एक हथियार बंद दस्ते का भी गठन किया जिसका मकसद ब्रिटिश शासन के खिलाफ बमबारी और हत्याओं को अंजाम देना था. मुस्लिम ब्रदरहुड का सबसे चर्चित नारा है, “Islam is the Solution” (“इस्लाम ही समाधान है”)

राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कार डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल
मुस्लिम ब्रदरहुड

1954 में मिस्र के राष्ट्रपति ‘गमाल अब्देल नासर’ की हत्या के असफल प्रयास के बाद इस संगठन को प्रतिबंधित कर दिया. जिसके बाद संगठन के सदस्‍यों को अंडरग्राउंड होना पड़ा. मुस्लिम ब्रदरहुड ने मिस्र की राजनीति में बहुत बड़ा रोल प्‍ले किया है. 1980 में इस संगठन ने राजनीति में एक बार फिर से वापसी की कोश‍िश की. कई बार दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन किया, वहीं 2000 में 17 सीट जीतकर वह मिस्र की प्रमुख विपक्षी पार्टी बन गई. इसके बाद उस समय के राष्‍ट्रपति होस्नी मुबारक ने मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड को खत्‍म करने का बहुत प्रयास किया. परंतु उनका यह दांव उल्‍टा पड़ गया और आख‍िरकार आंदोलन के बाद 2011 में उन्‍हें 30 साल की सत्‍ता से हटना पड़ा.

राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कर डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल

सूत्रों की माने तो इस संगठन के सर्वोच्च नेता ‘मोहम्मद बदी है, जो वर्तमान में जेल में हैं, उन्हें विभिन्न आरोपों के तहत मौत की सजा सुनाई. दूसरी तरफ मुबारक के हटने पर मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड के ‘मोहम्मद मुर्सी’ राष्ट्रपति चुने गए, परंतु 2013 में मिस्र की सेना ने बगावत कर दिया और मुर्सी को सत्ता से बेदखल करके जेल में डाल दिया. इसके बाद मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड पर कई पाबंदियां लगाई गई.

Read Also : आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान ने अमेरिका को दी ये चेतावनी! 

मिस्र के अलावा दूसरे इस्‍लामी देशों में भी मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड का काफी प्रभाव है. 2011 के अंत में ट्यूनीशिया के एननाहादा पार्टी (मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड द्वारा प्रेरित एक इस्लामी पार्टी) ने राष्ट्रपति ज़ैनुल अबिदीन बिन अली को उखाड़ फेंकने के बाद देश में होने वाले पहले संसदीय चुनाव जीता था.

राहुल गांधी ने इस आतंकी संघठन से कर डाली आरएसएस की तुलना! जिसके बाद मचा बवाल

बहरीन, मिस्र, रूस, सऊदी अरब, सीरिया और संयुक्त अरब अमीरात मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड को आतंकी संगठन मानते हैं. इसके बावजूद कई इस्‍लामी देशों में मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड से प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष तौर पर जुड़ी पार्ट‍िया राजनीति में हैं. वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका भी मुस्‍ल‍िम ब्रदरहुड को आतंकी संगठन घोष‍ित कर सकता है. जॉर्डन में मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी इस्लामिक ऐक्शन फ्रंट (आईएएफ) के नाम से मौजूद थी लेकिन 2013 में (आईएएफ) ने एमबी से अपना नाता तोड़ लिया.

Loading...