जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के खिलाफ भारत के बाद फ्रांस के इस धमाकेदार कदम से पाकिस्तान में फैली सनसनी…

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This move of France against Masood Azhar after India increased the problems of Pakistan (फ्रांस) : अभी-अभी ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के सरगना ‘मौलाना मसूद अजहर’ को लेकर फ्रांस से बड़ा फैसला आया है. जिसके बाद मसूद अजहर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. सूत्रों की माने तो फ्रांस सरकार ने अपने देश में मौजूद मसूद अजहर की सभी संपत्तियों को जब्त करने का जोरदार फैसला लिया है.

जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के खिलाफ भारत के बाद फ्रांस के इस जबरदस्त कदम से पाकिस्तान में फैली सनसनी...
मसूद अजहर

इस मामले को लेकर ‘फ्रांस सरकार’ ने कहा है कि वह आतंकी अजहर के नाम को यूरोपियन यूनियन की संदिग्ध आतंकवादियों वाली सूची में शामिल करने के लिए बातचीत करेगा. मसूद अजहर को लेकर फ्रांस का यह फैसला ऐसे समय में सामने आया जब बुधवार 13 मार्च को उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने के मामले पर चीन ने वीटो का इस्तेमाल करके रोड़ा अटकाया था.

सूत्रों की माने तो 27 फरवरी को ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद’ (यूएनएससी) की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत मसूद अजहर को नामित करने का प्रस्ताव फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा पेश किया गया था. इसका मकसद यह था क्योंकि 14 फरवरी पुलवामा में को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले में ‘सीआरपीएफ’ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के खिलाफ भारत के बाद फ्रांस के इस जबरदस्त कदम से पाकिस्तान में फैली सनसनी...

इस हमले के बाद सी ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. सूत्रों की माने तो ‘अलकायदा प्रतिबंध समिति’ के सदस्यों को इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया था. जब यह समय समाप्त होने से पहले चीन ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ‘टेक्निकल होल्ड’ पर डाल दिया कि उसे इसकी जांच करने के लिए और समय चाहिए.

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आपको इस बात से अवगत करा दें कि मसूद अजहर पुलवामा के अलावा पिछले दो दशकों में कई आतंकवादी हमलों में संलिप्त रहा है. 13 दिसंबर, 2001 को भारत के ‘संसद भवन’ पर हमला हुआ, जिसमें जैश का हाथ था. जिसमें नौ सुरक्षाकर्मियों सहित अधिकारियों की मौत हो गई थी.

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इसके अलावा जनवरी 2016 में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने पठानकोट के एयरबेस पर हमला किया था. इसमें सात जवान शहीद हुए थे. जैश ने ही सितंबर 2016 को हुए ‘उरी हमला’ किया था. इस हमले में 17 जवान शहीद हो गए थे और अन्य 30 घायल हुए थे.

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