पश्चिम बंगाल : कोलकाता में पुल हादसा! जिसके बाद भाजपा ने ममता सरकार का साधा निशाना

93

West Bengal: bridge collapse in Kolkata, 1 killed (कोलकाता) : अभी-अभी ‘पश्चिम बंगाल’ के ‘कोलकाता’ के ‘माझेरहाट इलाके’ से एक दर्दनाक घटना की खबर सामने आई है. जिसके बाद ‘ममता सरकार’ की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. मंगलवार की शाम अचानक एक पुल के गिर जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 21 लोग बुरी तरह घयल हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे में कई गाड़ियां भी पुल के नीचे दब गईं.

West Bengal: bridge collapse in Kolkata, 1 killed

मानासूत्रों की माने तो अभी भी पुल के नीचे लोग दबे होने की सम्भावना है. इस घटना के तुरंत बाद रहत-बचाव कार्य शुरू किया गया जो लगातार जारी है. साथ ही सूत्रों ने कहा है कि यह पुल करीब 40 साल पुराना है. आंकड़ो के अनुसार बीते 6 वर्षों में कोलकाता में यह तीसरे पुल गिरने की घटना है. इससे पहले उत्तरी कोलकाता के भीड़-भाड़ वाले बड़ा बाजार इलाके में 31 मार्च, 2016 को निर्माणाधीन ‘विवेकानंद पुल’ अचानक गिर गया था. इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी.

West Bengal: bridge collapse in Kolkata, 1 killed
विवेकानंद पुल

पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण हुआ बड़ा हादसा 

सूत्रों की माने तो इस पुल स्थिति को लेकर पुलिस ने पीडब्ल्यूडी को पहले ही इस बात की सूचना दे दी थी, लेकिन समय रहते विभाग ने इसपर ध्यान नहीं दिया और पुल की मरम्मत के लिए कोई निर्णायक फैसला नहीं लिया, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ. 

Read Also : भाजपा नेता मुकुल रॉय ने ममता बनर्जी पर लगाया बड़ा आरोप!

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ‘केसरीनाथ त्रिपाठी’ ने भी इस हादसे को लेकर कहा है कि पहले ही पुल के बेहतर रखरखाव की आवश्यकता थी. इसके अलावा त्रिपाठी ने कहा है कि इस पुल पर गढ्ढे होने की कुछ समय पहले सूचना मिली थी, अब मुझे नहीं पता कि ‘पीडब्ल्यूडी’ ने इसपर ध्यान दिया था या नहीं.

West Bengal: bridge collapse in Kolkata, 1 killed
केसरीनाथ त्रिपाठी

हो सकता था और भी भयानक हादसा

सूत्रों के अनुसार मंगलवार की शाम 5 बजे के बाद यह हादसा हुआ, परंतु अगर इस पुल को गिरने को थोड़ी भी देरी होती तो यह हादसा और भी भयानक हो सकता था. ध्यान देने वाली बात यह है कि शाम 6 बजे के बाद पुल पर दफ्तरों से लौटने वाले लोगों की भीड़ अधिक हो जाती है, जिसकी वजह से पुल पर लंबा जाम लग जाता है. व्यस्त समय में इस पुल से हजारों गाड़ियां गुजरती हैं और ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि यह पुल कोलकाता की घनी आबादी वाले क्षेत्र बेहाला, दक्षिण परगना जिले और बाकी के हिस्सों को जोड़ता है.

राज्य की मुख्यमंत्री ‘ममता बनर्जी’ ने हादसे को लेकर कहा है कि पुल के नीचे एक झोपड़ी है, जिसमें मेट्रो रेल निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूर रहते थे. गनीमत यह रही कि हादसे के समय वहां वह लोग मौजूद नहीं थे, नहीं तो यह एक बड़ा हादसा हो सकता था.

West Bengal: bridge collapse in Kolkata, 1 killed
ममता बनर्जी

हादसे को लेकर भाजपा ने ममता सरकार पर साधा निशाना

माझेरहाट इलाके में हुए इस हादसे के बाद ‘भाजपा’ और ममता सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है. सूत्रों की माने तो भाजपा ने इस हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार बताया है, दूसरी तरफ ममता सरकार ने कहा है कि पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी मेट्रो रेल विभाग की थी. पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी ‘पीडब्ल्यूडी’ और रेलवे दोनों की जिम्मेदारी थी, परंतु किसी ने भी समय रहते इसपर ध्यान नहीं दिया. 

West Bengal: bridge collapse in Kolkata, 1 killed
नरेंद्र मोदी

हादसे के दोषियों को माफ़ नहीं किया जाएगा- ममता बनर्जी 

ममता बनर्जी ने आगे कहा है कि पुल हादसे की जांच मुख्य सचिव ‘मलय डे’ की अगुवाई वाली एक समिति करेगी और जिन लोगों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके आगे उन्होंने कहा है कि किसी भी दोषी को माफ़ नहीं किया जाएगा. 

loading...