गठिया दर्द को कम करने के लिए अपनाएं ये अचूक आयुर्वेदिक उपचार, तुरंत होगा लाभ

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आजकल अर्थराइटिस और गठिया एक आम स्वस्थ समस्या बन गयी है. गठिया में होने वाला दर्द बहुत तेज होता है, जिसके कारण व्यक्ति को चलने–फिरने और घुटनों को मोड़ने में काफी परेशानी होतो है.

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गठिया दर्द image source

इसमें घुटनों में दर्द तो होता ही है और साथ में सूजन भी आ जाती है. बता दे कि गठिया के मरीज़ों को सबसे ज्यादा ठंड के मौसम में परेशानी सहनी पड़ती है,  इसलिए उन्हें ठंड से बचने की कोशिश करनी चाहिए. इस दर्द और सूजन से आराम दिलाने में आहार और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां आपको सबसे ज्यादा फायदा देते हैं.

हम आपको बता दे कि इस बीमारी में डॉक्टर भी मरीजों को खाने पर ध्यान देने की सलाह देते हैं. गठिया से बचाव के लिए आपके आहार में ग्लूकोसामिन और कांड्रायटिन सल्फेवट होना जरुरी है जो हड्डियों और कार्टिलेज के लिए बहुत अच्छें और उपयोगी होते हैं. आइए हो आज हम जानते है कि गठिया के दर्द को किन आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां से भगाया जा सकता है.

 

1.   अदरक

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अदरक

हम आपको बता दे कि अदरक ऑस्टियो आर्थराइटिस और रुमेटॉयड आर्थराइटिस या गठिया में सूजन को कम करने में बहुत सहायक होता है. बता दे कि अदरक गठिया का सबसे असरदार इलाज है. अदरक का रोजाना उपयोग करने से शरीर में सूजन और गठिया रोग की शुरुआत को होने से रोका जा सकता है. अदरक खाने से शरीर के एंटीऑक्सीडेंट रक्षा तंत्र में वृद्धि होती है. गठिया में ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण ऊतक और जोड़ों की क्षति की रोकथाम में अदरक मदद करता है. अदरक में सूजन और न्यूरोलॉजिकल संकेतों की वजह से दर्द कम करने की क्षमता होती है.

2. शल्लकी

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बता दे कि शल्लकी एक बहुत प्रचलित प्राकृतिक सूजन को खत्म करने वाली जड़ी बूटी है, जो पूरे विश्व में आयुर्वेद के चिकित्सकों द्वारा उपयोग की जाती है. शल्लकी का उपयोग दर्द और सूजन को खत्म करने के लिए किया जाता है. यह किसी भी नुकसान को बिना हड्डियों के स्पॉन्डिलाइटिस और अन्य गठिया के दर्द से छुटकारा दिलाती है.

 

3. निर्गुंडी

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निर्गुंडी के बारे में बता दें कि यह एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है शरीर को बीमारियों से बचाना. यह एक शक्तिशाली जड़ी बूटी है, जिसका उपयोग कई बीमारियों में होता है यह एक सुगन्धित वृक्ष से मिलती है जिसे विटेक्स नेगुंडो नाम से जाना जाता है. इसमें फ्लेवोनॉयड, कॉस्टटीन और विटेक्सिन भी होते है जो एंटी-हिस्टामाइन गुणों और मस्तिष्क कार्यों की ठीक करने के लिए जाना जाता है. यह एक एनाल्जेसिक के रूप में काम करके अच्छी नींद दिलाने, सिरदर्द, सूजन, जलन और गठिया दर्द में उपयोगी होती है.

4. नीलगिरी

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नीलगिरी

नीलगिरी तेल का अर्क जोड़ों में हो रहे गठिया के दर्द और सूजन को ठीक करने में मदद करता है. बता दें कि नीलगिरी के पत्तों में टैनिन होता है जो जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करता है. नीलगिरी गठिया का आयुर्वेदिक इलाज है. नीलगिरी के रस को निचोड़ कर प्रभावित जोड़ों पर लगाया जाता है जो बाद में हीटिंग पैड द्वारा हल्का गर्म कर दर्द में आराम पहुँचाता है.

 

5. अजवाइन

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अजवाइन के बीजों में स्वास्थ के लिए कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनमें इनके सूजन विरोधी गुण की वजह से यह गठिया से ग्रस्त लोगों के लिए काफी सहायक है. इसके अलावा, इसमें पेट की दर्द और सूजन को कम करने के गुण भी होते हैं. अजवाइन के बीजों में एंटीबायोटिक यौगिक होते हैं, जो सूजन और इससे संबंधित अन्य लक्षणों जैसे लाली, से निपटने में बहुत सहायक हैं.

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