वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे – जागरूकता ज़रूरी है ….

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आज है वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे | ब्रेन ट्यूमर के प्रति लोगो में जागरूकता होने के कारण से सन 2000 से इस दिन को प्रति वर्ष मनाया जाता है |

world brain tumor day
world brain tumor day

ब्रेन हमारे शरीर का सबसे महत्व पूर्ण हिस्सा है। और ब्रेन के प्रति हमारी थोड़ी सी लापरवाही भी जीवन के लिए खतरा बन सकती हैं और हम ब्रेन ट्यूमर या फिर इसी तरह की किसी दिमागी बीमारी के शिकार हो सकते हैं। ब्रेन सेल्स का ख्याल रखना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है दिमाग को आराम देना।

क्या है ब्रेन ट्यूमर

ब्रेन ट्यूमर यानी दिमाग में बहुत सारी कोशिकाओं का अनियंत्रि‍त होना। ऐसे में कोशिकाओं को नियंत्रण लगातार बिगड़ता रहता है और कोशिकाओं का विभाजन असमान्य रूप से ब्रेन में होकर टयूमर बन जाता है जो कि ब्रेन सेल्स को घातक नुकसान पहुंचा सकते हैं |

ब्रेन ट्यूमर में बिनाइन और मेलगनेंट ब्रेन दो तरह के ट्यूमर होते हैं | एक ओर जहां बिनाइन ट्यूमर व्यक्ति के दिमाग पर दबाव डालता है। वहीँ दूसरी तरफ मेलगनेंट ट्यूमर यानि कैंसर लोगों के लिए बेहद खतरनाक है । पहले तरह के टयूमर को दवाओं से ठीक किया जा सकता है |

ब्रेन ट्यूमर होने के कारण

अभी तक ब्रेन ट्यूमर के कारणों का सही-सही पता नहीं चल पाया है। लेकिन अगर कभी-कभी मिरगी के दौरे के सामान दौरा पड़ता हो या बेहोशी आती हो, सिर में असहनीय दर्द होता हो तो ब्रेन टयूमर की शिकायत हो सकती है , रोगी का बार बार x रे होना या फिर रेडिएशन जोन में आना यहाँ तक की मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन से भी ब्रेन टयूमर की सम्भावना बढ़ जाती हैं |

क्षण को जल्दी पहचाने

अचानक उलटी आना, आँखों में रौशनी कम होना या कभी कही कलर ब्लाईंडनेस होना, व्यवहार में परिवर्तन होना सुबह उठने पर सिर दर्द की शिकायत रहती है और कभी कभी जुबान भी बंद हो जाती है |

मय रहते उपचार ज़रूरी है

बिनाइन ट्यूमर कैंसर रहित होते हैं इस लिए इनका इलाज आसान है एक ऑपरेशन कि सहायता से इस टयूमर को निकला जा सकता है | जबकि मेलगनेंट टयूमर को थोड़ा थोड़ा करके निकला जाता है | चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में इसका उपचार संभव है। जबकि बड़ों में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी देकर इसे निकाला जा सकता है। कभी कभी ब्रेन ट्यूमर के मरीजों को फिट रखने के लिए एंटी कनवेनसैट थेरेपी ढाई से तीन साल तक दी जाती है। और कई बार मरीज़ को जिंदगी भर थेरेपी देने की ज़रूरत पर जाती है।

तो समय रहते इसके लक्षण की पहचान कर इलाज कराना ज़रूरी है ताकि एक स्वस्थ जीवन जी सकें |

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