अयोध्‍या मामले को लेकर मौलाना नदवी ने दिया विवादित बयान! कहा- मस्जिद को अयोध्या में..

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नई दिल्‍ली : बुधवार (8 फ़रवरी) से ‘सर्वोच्च न्यायालय’ में अयोध्या मामले के समाधान के लिए सुनवाई शुरू होने के एक दिन बाद बेंगलुरु में ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ के सदस्‍यों से आध्‍यात्मिक गुरू ‘श्री श्री रविशंकर’ मिले. इस मौके पर ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ के कार्यकारी सदस्य ‘मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी’ ने कहा है कि मस्जिद को शिफ्ट किया जा सकता है.

अयोध्‍या मामले को लेकर मौलाना नदवी ने दिया विवादित बयान! कहा- मस्जिद को अयोध्या में..
श्री श्री रविशंकर

जानकारी के अनुसार इस बैठक में ‘मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी’ ने कहा है कि हम लोग जगह को बदलकर मस्जिद का निर्माण करायेंगे. अभी यह गुंजाइश है कि हम लोग एक साथ मिलकर रहे और अपने मामले को हल करें. इस बैठक के दौरान सहमति जताते हुए कहा है कि शांति से सुलझाने के लिए अयोध्या विवाद पर सहमति आवश्यक है. जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि इस बैठक में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग भी शामिल थे. आपको यह भी बता दें कि अयोध्या में इस मामले की अगली बैठक मार्च में की जाएगी.  

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मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी

क्या है ये अयोध्या विवाद?

दरअसल बात यह है कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन मालिकाना विवाद मुद्दे से संबंधित कई याचिकाओं पर गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को दस्‍तावेज तैयार करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को रखी गयी है. 

जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि चीफ जस्टिस ‘दीपक मिश्रा’ की अध्‍यक्षता वाली तीन सदस्‍यीय बेंच में पहले दस्‍तावेजों को लेकर बातचीत शुरू हुई. इसके बाद बेंच ने कहा कि इस मामले से जुड़े पहले मुख्‍य पक्षकारों को ही सुना जाएगा. उधर, साथ ही आपको बता दें कि चीफ जस्टिस ‘दीपक मिश्रा’ ने कहा है कि अयोध्या मामले को मात्र भूमि विवाद के तौर पर ही देखा जाये.

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दीपक मिश्रा

अयोध्या मामले को लेकर याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह मामला 100 करोड़ हिंदूओं की भावओं का है. इसको लेकर  चीफ जस्टिस मिश्रा ने कहा है कि, ये भावनात्‍मक मामला नहीं है बल्कि जमीन का विवाद है. अयोध्या मामले की सुनवाई से पहले सभी पक्षों ने न्यायालय में दस्‍तावेज सौंप दिए थे. इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने साफ तौर पर कहा कि राजनीतिक और भावनात्‍मक दलीलों को नहीं सुना जायेगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि अयोध्या मामले को लेकर हमने 504 दस्‍तावेज जमा किए हैं. 

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