सुप्रीम कोर्ट का फैसला : कांग्रेस के बाग़ी विधायक कल नहीं दे पाएंगे वोट

692

मई 9, 2016

sc

नई दिल्ली / नैनीताल : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया जिसमें कांग्रेस के 9 बाग़ी विधायकों को अयोग्य करार दिया गया था। निलंबन जारी रखने के बाद बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट में भी राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए बागी विधायकों की सदस्यता के निलंबन को जारी रखा है। अब ये बागी विधायक फ्लोर टेस्ट में भाग नहीं ले पाएंगे।

इससे पहले सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने बागी विधायकों की याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी और जल्द सुनवाई की मांग की थी।

कांग्रेस की चिंता का कारण
उत्तराखंड में हरीश रावत की सरकार बचेगी या नहीं यह मामला फ्लोर टेस्ट में तय होगा। लेकिन कांग्रेस के सूत्र बता रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के सामने सबसे पहले अपना कुनबा बचाने की चुनौती है। कारण यह है कि बागी 9 विधायकों को छोड़ने के बाद बचे 27 में भी कांग्रेस के लिए चिंता का सबब यह है कि सभी के सभी पार्टी नेतृत्व से खुश नहीं हैं। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि बीजेपी राज्य में सरकार बनाने के पक्ष में नहीं है। साथ ही पार्टी का रुख सरकार गिराने को लेकर साफ है।

उधर, सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रधान सचिव जय देव सिंह को उत्तराखंड विधान सभा में मंगलवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। मंगलवार को फ्लोर टेस्ट के लिए विधानसभा में मोबाइल बैन रहेगा।  इसके साथ ही सोमवार शाम चार बजे से धारा 144 लागू हो जाएगी।

भाजपा नेता मदन कौशिक द्वारा हाईकोर्ट में बागी विधायक भीम लाल आर्य की सदस्यता निलंबन को लेकर अर्जी दाखिल की। जिसका संज्ञान लेते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने भाजपा के बागी विधायक भीम लाल आर्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 मई को होगी।

loading...