सामूहिक प्रदर्शनी में नजर आया कला का अनूठा संगम! अलग-अलग कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

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ललित कला अकादमी : कला का महत्व संसार में बहुत बड़ा है. असल में जब व्यक्ति को जिन्दगी में सुकून और खुशी की जरूरत होती है तो वह कला का सहारा लेता है. कला उसे आराम के पल प्रदान करती है और शौक भी पूरा करती है. कला उसे हर तरह से मन की शांति की तरफ ले जाती है.

सामूहिक प्रदर्शनी में नजर आया कला का अनूठा संगम! अलग-अलग कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

रबिन्द्र भवन की ललित कला अकादमी में 6 कलाकारों के रचना चित्रों की प्रदर्शनी एक साथ लगी हुई है. इस प्रदर्शन की थीम “अनुभव” है जो कि आकर्षण का केंद्र बनी हुई है और कला प्रेमी को खूब लुभा रही है. इस सामूहिक प्रदर्शनी में मूर्तिकला, चित्रकला, ग्राफिक्स, रेखाचित्र आदि कई प्रकार की कलाकृतियाँ शामिल हैं. यह प्रदर्शनी 17 मई तक है और सुबह 11 से सायं 8 बजे तक देखी जा सकती है. 

सामूहिक प्रदर्शनी में नजर आया कला का अनूठा संगम! अलग-अलग कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

इस प्रदर्शनी में पवन, जवाहर रॉय, प्रोलय दत्त, असीम पाल, स्वपन और श्यामल जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन करते हुए अलग-अलग प्रकार की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया है.

इन कलाकृतियों में अलग-अलग रंगों की छटा देखने को मिली, साथ ही अलग-अलग वस्तुओं को जोड़कर नए आकार देने की कोशिश स्वपन के कामों में देखी जा सकती है. प्रोलय दत्त ने अपनी चित्रकला में प्रकृति और मानवता के संबंधों को खुबसूरत तरीके से प्रस्तुत किया है.

सामूहिक प्रदर्शनी में नजर आया कला का अनूठा संगम! अलग-अलग कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

श्यामल दत्त ने भी एक्रेलिक, कैनवास की तर्ज पर अपने रचना चित्रों को बहुत ही अलग ढंग से दिखाया है. कलाकार असीम पाल ने ग्राफिक्स के माध्यम से इचिंग पेंट पर काम किया है और जवाहर रॉय ने अपनी कला का बेहतर प्रदर्शन किया है.

मझे हुए मूर्तिकार पवन ने मूर्तियों को बेहद ही सुन्दर रूप दिया है. इनके द्वारा निर्मित रविन्द्र नाथ टैगोर, गांधीजी आदि कि मूर्तियाँ कला प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.

सामूहिक प्रदर्शनी में नजर आया कला का अनूठा संगम! अलग-अलग कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

इससे पहले इन नामचीन कलाकारों की प्रदर्शनी मुंबई, बैंगलोर, कलकत्ता चेन्नई के अलावा विदेशों में भी लग चुकी है और लोगों का मन मोह रही हैं.   

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