अमृतसर रेल हादसा : दशहरा उत्सव देखने गए लोगों के परिवार में आया भूचाल! हादसे की यह थी सबसे बड़ी वजह

235

Amritsar rail accident: 61 dead and 70 injured in train accident on Dussehra festival (अमृतसर) : “पंजाब” के ‘अमृतसर’ से एक दर्दनाक ‘रेल हादसे’ की खबर सामने आई है. जिसके बाद राज्य समेत देशभर में हलचल पैदा हो गई है. सूत्रों की माने तो दशहरा उत्सव जिस दिन बुराई का विनाश होता है. लेकिन इस दिन रावण दहन के समय तेज रफ़्तार में आ रही रेल ने करीब 61 लोगों की मौत का कारण बनी है. इस घटना के बाद मरने वालों के परिवार में मातम छा गया है. इस हादसे में किसी के घर का इकलौता चिराग बुझ गया, तो किसी की पत्नी की जान चली गई. किसी से भाई का साथ छूट गया, किसी का सुहाग उजड़ गया. हर तरफ चीख पुकार, चीत्कार और तबाही का मंजर ऐसा कि दिल दहल जाए देखकर.

अमृतसर रेल हादसा : दशहरा उत्सव देखने गए लोगों के परिवार में आया भूचाल! हादसे की यह थी सबसे  बड़ी वजह

इस घटना के करीब 16 घंटे बाद राज्य के मुख्यमंत्री ‘कैप्टन अमरिंदर सिंह’ अमृतसर पहुंचे हैं और घटनास्थल पर जाने से पहले एयरपोर्ट पर ही मंत्रियों से जानकारी ली. साथ ही इस घटना की रिपोर्ट ली, इसके अलावा हर संभव व्यवस्था और इंतजाम करने के आदेश दिए हैं.

सूत्रों की माने तो यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुआ है. इस भयंकर हादसे के बाद लोगों में प्रशासन के खिलाफ काफी नाराजगी है. आपको बता दें कि इस हादसे में अब तक 61 लोगों की मौत और 70 से अधिक बुरी तरह घायल हुए हैं.

अमृतसर रेल हादसा : दशहरा उत्सव देखने गए लोगों के परिवार में आया भूचाल! हादसे की यह थी सबसे  बड़ी वजह
कैप्टन अमरिंदर सिंह

जानकारी के अनुसार ‘नवजोत सिंह सिद्धू’ की पत्नी ‘नवजोत कौर सिद्धू’ घटना के दौरान मंच पर मौजूद थी. इस हादसे के तुरंत बाद वह वहां से चली गई. यह हादसा बड़ा दर्दनाक है और इसकी फोटो दिखाई नहीं जा सकती. दरअसल राहत एवं बचाव कार्य जारी है.

जानकारी के अनुसार इस हादसे का शिकार हुए ये सभी लोग अमृतसर के जौड़ा फाटक के पास स्थित एक मैदान में दशहरा पर रावण दहन को देख रहे थे. इस स्दौरण देखते-देखते ये सभी लोग रेलवे ट्रैक पर आ गए. तभी अमृतसर- दिल्ली रेलवे ट्रैक पर सौ से अधिक स्पीड में दो ट्रेने आ गई. हादसा अमृतसर के रेलवे फाटक नंबर 27C के पास हुआ. डीएमयू 74943 और हावड़ा एक्सप्रेस एक साथ विपरीत दिशा में गई.

अमृतसर रेल हादसा : दशहरा उत्सव देखने गए लोगों के परिवार में आया भूचाल! हादसे की यह थी सबसे  बड़ी वजह
नवजोत सिंह सिद्धू और नवजोत कौर सिद्धू

सूत्रों की माने तो इस आयोजन को लेकर प्रशासन की पहली लापरवाही ये थी कि आयोजन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी. दूसरी सबसे बड़ी चूक मैदान में लगी एलईडी लाइटें को रेलवे ट्रैक की तरफ लगा दिया गया था. जिसके कारण वहां मौजूद लोग रेल ट्रैक नहीं देख पाए. वहीं तीसरी सबसे बड़ी गलती पटाखों की आवाज को माना जा रहा.

थ भी पढ़े : इस महीने का तीसरा रेल हादसा! मुंबई-नागपुर दुरंतो एक्सप्रेस के 9 डिब्बे पटरी से उतरे, जाँच हुई शुरू

रावण दहन के समय पटाखों की आवाज इनती तेज थी कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों को ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई दी और ये बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे के तुरंत बाद ही रेलवे प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. इस हादसे के बाद राहत एंव बचाव कार्य शुरु कर दिया गया. दशहरा का आयोजन करने वाली कमेटी की सबसे बड़ी लापरवाही है. कार्यक्रम में ‘नवजोत कौर सिद्धू’ मुख्य अतिथि थीं.

अमृतसर रेल हादसा : दशहरा उत्सव देखने गए लोगों के परिवार में आया भूचाल! हादसे की यह थी सबसे  बड़ी वजह

इस हादसे को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन ‘अमरिंदर सिंह बदल’ ने दु:ख जाहिर करते हुए कहा है कि अमृतसर में दु:खद रेल दुर्घटना के बारे सुनकर चौंक गया हूं. दु:ख के इस घड़ी में सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों को खुले रहने के आदेश दिए गए हैं. जिला अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरु करने का निर्देश दिया गया.

अमृतसर रेल हादसा : दशहरा उत्सव देखने गए लोगों के परिवार में आया भूचाल! हादसे की यह थी सबसे  बड़ी वजह

अमृतसर रेल हादसा होने के ये है बड़ी चूक

1- इस हादसे की सबसे बड़ी वहज यह है कि प्रशासन को रेलवे ट्रैक के पास इस तरह के आयोजन की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी.

2- अगली चूक यह है कि रेलवे ट्रैक पर जाने वाली भीड़ को रोकने के लिए कोई पुलिस व्यवस्था तैनात नहीं की गई थी.

3- रेलगाड़ी को पास होने के लिए ग्रीन सिगनल था, परंतु तब भी किसी को दिखाई नहीं दिया. 

4- रेलवे के साथ स्थानीय प्रशासन का समन्वय नहीं था, जिसके कारण ट्रेन इतनी तेजी से गुजरी.

5- घटना के बाद भी स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने देरी की.

अमृतसर रेल हादसा : दशहरा उत्सव देखने गए लोगों के परिवार में आया भूचाल! हादसे की यह थी सबसे  बड़ी वजह

6- प्रत्यक्षदर्शी इकबाल सिंह के मुताबिक इससे पहले जो भी ट्रेनें निकली हार्न बजाती हुई धीरे-धीरे से निकली, लेकिन जो यह ट्रेन आई पूरी स्पीड में थी। जिससे लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला। उनका कहना है यहां पर पिछले 40 साल से रावण दहन होता है। जो भी ट्रेनें निकलती हैं धीरे-धीरे निकलती हैं।

loading...