BSF ने मुंहतोड़ जवाब देते तबाह की पाक की चौकियां और मारे 10..

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श्रीनगर: नए साल के शुरू होते ही बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर के अरनिया इलाके में एक घुसपैठिए को मार गिराया. दरअसल, ये घुसपैठिया इंटरनेशल बॉर्डर से भारत में घुसने का प्रयास कर रहा था. इस मामले को लेकर बुधवार रात बीएसएफ ने पाक की चौकियों पर हमला कर कई चौंकिया उड़ा दी.

BSF ने मुंहतोड़ जवाब देते तबाह की पाक की चौकियां और मारे 10..
भारतीय सैनिक और मारे गये पाकिस्तानी रंजेर्स.. Image Source

मीडिया का कहना है की बीएसएफ द्वारा जवाबी कार्रवाई में पाक के 10 रेंजर्स मारे गए. लेकिन पाकिस्तान की तरफ से जब सीजफायर वॉयलेशन हुई तो देश के एक जवान आरपी हाजरा शहीद हो गए. बीएसएफ आईजी (जम्मू फ्रंटियर) राम अवतार ने बताया कि हमने अग्रिम चौकी पर अपना एक जवान भेजा था, जो बुधवार के दिन पाक की तरफ से हुई गोलीबारी में शहीद हो गया था. हमारे जवानों ने 2-3 लोगों की संदिग्ध गतिविधि को अरनिया सेक्टर के निकोवाल बॉर्डर आउट पोस्ट (BoP) पर देखा. जिसके चलते उसी समय जवानों ने जवाबी कार्रवाही की और एक घुसपैठिए को मार गिराया.

बताया जा रहा है की जवाबी कार्रवाही में मारा गया घुसपैठिया सियालकोट का रहने वाला था. मीडिया के मुताबिक पाक के इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे सोलर पैनल और हथियारों का भारी नुकसान हुआ है. बीएसएफ का कहना है कि पाक सैनिकों की तरफ से बुधवार को पहले छोटे हथियारों का प्रयोग किया गया और गोलीबारी की गयी और इसके बाद में उनकी तरफ से तोपे दागी गयीं. जिसकी जवाबी कार्रवाही करते हुए हमने पाक की दो आगे की चौकियों को अपना निशाना बनाकर उड़ा डाला. बीएसएफ के जवानों की तरफ से की गयी फायरिंग ने पाक की गोलीबारी को भी खामोश कर दिया.

दरअसल, 31 दिसंबर को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैम्प पर हुए हमले में 3 कैप्टन समेत 5 जवान शहीद हो गए थे. इसी दौरान एनकाउंटर में 2 टेररिस्ट मारे गए थे. CRPF के स्पोक्सपर्सन राजेंद्र यादव का कहना है की, हमने दो आतंकियों को एनकाउंटर मे मारकर उनकी बॉडी को बरामद कर लिया और उन आतंकियों के हथियार को अपने कब्ज़े मे कर लिया. इसी के साथ हमें उम्मीद है कि हमने एक और आतंकी को एनकाउंटर में मारा है, लेकिन उसकी बॉडी अभी तक हमें मिली नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पुरे हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ ने ली है. यह पहली बार हुए है जब किसी लोकल टेररिस्ट्स ने सुसाइड अटैक किया है.

गौरतलब है की पिछले साल इस तरह के दो हमले हो चुके है, घाटी में 182 बटालियन बीएसएफ कैम्प पर अक्टूबर में फिदायीन हमला हुआ था. इस दौरान सिक्युरिटी फोर्स की तरफ से की गयी कार्रवाही में 3 आतंकी ढेर हुए थे. जबकि इस कार्रवाही मे बीएसएफ का एक जवान भी शहीद हो गया था. उस समय इस हमले की जिम्मेदारी ‘जैश-ए-मोहम्मद’ ने ली थी, इसके बाद जून की शुरुआत में ही ‘लश्कर-ए-तैयबा’ के आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. लश्कर द्वारा हुए इस हमले मे एक सब इंस्पेक्टर शहीद हो गया था और साथ ही दो जवान भी घायल हुए थे.

आपको बता दे की 2017 में जम्मू और कश्मीर मे हुए सिक्युरिटी फोर्सेस के ‘ऑपरेशन ऑलआउट‘ में 206 आतंकवादियों को मार गिराया गया. इस मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलिस चीफ एसपी वैद का कहना था कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारा ये ऑपरेशन केवल टेररिस्ट को खत्म करने के लिए नहीं था, बल्कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी था. उन्होंने बताया की इस ऑपरेशन के दौरान 75 युवाओं को मुख्यधारा में शामिल किया गया था।

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