व्लादिमार पुतिन के भारत दौरे को लेकर घबराए चीन और पाकिस्तान! यह है बड़ी वजह

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China and Pakistan worried about Vladimar Putin’s visit to India! This is the big reason (नई दिल्‍ली) : सूत्रों की माने तो रूस के राष्ट्रपति ‘व्लादिमीर पुतिन’ की ‘भारत’ दौरे पर भारत ही नहीं बल्कि चीन और पाकिस्तान समेत पूरी विश्व की नजर बनी हुई है. इसका बड़ा कारण यह है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशाें के बीच ‘एस – 400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली’ सौदे पर करार होेना है.

व्लादिमर पुतिन के भारत दौरे को लेकर घबराए चीन और पाकिस्तान! यह है बड़ी वजह
व्लादिमर पुतिन के भारत दौरे को लेकर घबराए चीन और पाकिस्तान! यह है बड़ी वजह

सूत्रों की माने तो यह करार पांच अरब डॉलर की राशि से अधिक का होगा. भारत और रूस के बीच यह सौदा सफलतापूर्वक हो गया तो देश की प्रतिरक्षा कवच और सुदृढ़ और अभेद्य हो जाएगी. इससे कहीं न कहीं पड़ोसी मुल्‍क कमजोर होंगे. इसके अलावा ‘व्लादिमर पुतिन’ अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ‘नरेंद्र मोदी’ के साथ वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. दोनों नेता ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर कच्चे तेल की स्थिति समेत विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं.

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नरेंद्र मोदी

आइए जानते हैं कि अगर सेना के बेड़े में ‘एस-400 ट्रायम्‍फ एयर डिफेंस सिस्‍टम’ शामिल हुआ तो इसके क्‍या दूरगामी परिणाम होंगे. हमारी रक्षा प्रणाली कितनी मजबूत होगी. यह कैसे काम करेगा. जी हां, इस डिफेंस सिस्‍टम से भारत की सुरक्षा निगरानी बेहद मजूबत हो जाएगी. भारतीय सेना दुश्‍मन की हर गतिविधियों पर पैनी नजर रख सकेगी. इसका अंजदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज तीन एस 400 ट्रायम्‍स से पाकिस्‍तान के चप्‍पे-चप्‍पे पर सेना के जवान नजर रख सकेंगे. इसकी सूचना से पाकिस्‍तान के हर हमले को प्रहार के पूर्व ही विफल किया जा सकता है. उसके लड़ाकू विमानों और ड्रोन्‍स को आसानी को आसानी से गिराया जा सकता है.

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एस-400 रक्षा सस्टिम की विशेषताएं

1- एक साथ 100 से 300 लक्ष्‍यों को ट्रैक करने में कुशल 

एस-400 मिसाइल की विशेषता के कारण इस पर चीन अौर पाकिस्‍तान की नजर बनाए हुए है. यह मिसाइल बेहत संवदेनशील और उच्‍च क्षमता वाले रडार है. यही कारण है कि इसकी निगरानी क्षमता बेजोड़ है. यह रडार दुश्‍मन की हर गतिविधि पर नजर रखने के अनुकूल है. यह एक साथ 100 से 300 निशानों को साधने में सक्षम है. सूत्रों की माने तो यह मिसाइल मोबाइल कमांड सेंटर से लैस है. जिसके कारण चलते कमांड पोस्‍ट पर तैनात हथियार परिचालक अपने साथी सुरक्षाकर्मी से बातचीत भी कर सकते हैं. इसका फायर कंट्रोल रडार तत्‍काल फैसला लेने में मददगार होता है. लक्ष्‍य सुनिश्चित होने पर कमांड सेंटर फायर कंट्रोल रडार को मिसाइल लांच करने के आदेश देता है.

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2- 600 किलोमीटर तक निगरानी रखने में सक्षम उपकरण 

सूत्रों की माने यह मिसाइल सतह से आकाश में यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपना लक्ष्‍य भेदने में सक्षम है. मिसाइल दागने की क्षमता में एस 400 ट्रायम्‍फ बाकी रक्षा प्रणाली से ढाई गुना अधिक है. इसके अलावा यह सिस्टम करीब 600 किलोमीटर तक नजर रख सकता है. एस-400 मिसाइल किलोमीटर दूर से यह दुश्‍मन के मिसाइल को मार गिराने की क्षमता रखता है. यह दुश्‍मन के लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल और ड्रोन्‍स को तबाह करने में पूरी तरह सक्षम है. 

3- मस्‍ट में एक साथ 72 मिसाइलें एक साथ

आपको बता दें कि हर एक एस-400 ट्रायम्‍फ में आठ मिसाइल लांचर होते हैं. इससे 400 मिसाइलों को लांच किया जा सकता है. साथ ही इसमें एक कमांड सेंटर और उच्‍च क्षमता वाला रडार होता है. यह मस्‍ट युक्‍त होता है. इस मस्‍ट में 72 मिसाइलें आ सकती है. 

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मिसाइल डिफेंस क्षमता में भारत

सूत्रों की माने तो वर्तमान समय में ‘भारतीय सेना’ के पास तीन प्रकार की मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम मौजूद हैं. पहला सिस्टम ‘स्‍पाइडर’ है, इसकी क्षमता 15 किलोमीटर है. यह 15 किमी तक निशाना साध सकती है. इसके अलावा दुश्‍मन की हरकतों पर नजर रख सकता है. सेना ने 1800 स्‍पाइडर का आर्डर दिया है. दूसरी मिसाइल ‘आकाश’ है. इसकी क्षमता स्‍पाइडर से अधिक है. यह 25 किलोमीटर दूर तक दुश्‍मन की हर हरकत पर नजर रखने में सक्षम है और तीसरी ‘बराक’ है. जो 25 किलोमीटर तक दुश्‍मन की सभी गतिविधियों पर निगरानी कर उनके मंसूबों को तबाह कर सकती है. यह पांच मिनट के भीतर मिसाइल की फायरिंग को रोकने में सक्षम है.

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