भारत में यहाँ मनाई जाती है मोहनदास गाँधी के मरने की खुशी, साथ ही ढोल बजाते हुए बांटते हैं मिष्ठान

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मेरठ : गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेरठ में शारदा रोड पर स्थित अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यालय पर 30 जनवरी यानि गाँधी वध के दिन को बड़े ही धूमधाम से शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया.

भारत में यहाँ मनाई जाती है मोहनदास गाँधी के मारने की खुशी, साथ ही ढोल बजाते हुए बांटते हैं मिष्ठान

कार्यक्रम की शुरुआत कार्यालय परिसर स्थित विश्व की प्रथम हुतात्मा पंडित नाथूराम गोडसे की पूज्य प्रतिमा को तिलक लगाकर फुल माला अर्पण करके मिष्ठान का भोग लगाकर की गयी. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हिंदू महासभा के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष पंडित अशोक कुमार जी रहे. उन्होंने बताया की पूज्य गोडसे जी का मेरठ से पुराना नाता रहा है. यहाँ तक की नाथूराम गोडसे जी के छोटे भाई गोपाल गोडसे जी ने सन 1989 में मेरठ लोकसभा सीट का चुनाव हिंदू महासभा के बैनर तले लड़ा था.

नाथूराम गोडसे जी महान हिंदू राष्ट्र रक्षक, महान विचारक और एक महान पत्रकार थे. वो भारत माता के वीर सपूत वीर सावरकर जी के अनन्य शिष्य थे और कहीं न कहीं उन्होंने महान वीर सावरकर जी के आदेश अनुसार ही गाँधी का वध किया था. क्योंकि उनका मानना था कि हमारे देश के लाखों बेगुनाह लोगों का कत्लेआम सिर्फ और सिर्फ गाँधी के कारण ही हुआ था.

भारत में यहाँ मनाई जाती है मोहनदास गाँधी के मारने की खुशी, साथ ही ढोल बजाते हुए बांटते हैं मिष्ठान

आज हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी, वीर सावरकर जी के उस बंदीगृह को दुर्लभ स्थान बताते हैं, जहाँ कभी नाथूराम गोडसे के राजनितिक गुरु वीर सावरकर जी ने अंग्रेजों द्वारा दी गयी सजा याचना को झेला था. जो लोग महान वीर सावरकर जी को महान राष्ट्रभक्त मानते हैं, उन्हें महान नाथूराम गोडसे जी को भी हिंदू राष्ट्र भक्त मानना चाहिए क्योंकि उन्होंने गाँधी का वध अपनी किसी निजी दुश्मनी की वजह से नहीं किया था. बस वो तो अपने अखंड भारत के टुकड़े-टुकड़े होते नहीं देख सके. वहीँ माननीय प्रधानमंत्री जी को वीर सावरकर जी को भी बहुत जल्द भारत रत्न सम्मान देना चाहिए.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि “हिंदू महासभा पिछले बहुत से वर्षों से लगातार आज के पावन दिन को शौर्य दिवस के रूप में बड़ी ही धूमधाम से मानती आ रही है क्योंकि सन 30 जनवरी, 1948 की शाम को करीब 5:17 मिनट पर पूज्य गोडसे जी ने हिन्दुओं के सबसे बड़े शत्रु गाँधी का वध किया था.

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पंडित नाथूराम गोडसे

उन्होंने इस देश के करोड़ों हिन्दुओं पर उपकार किया क्योंकि गोडसे जी कहते थे पहले तो गाँधी ने हमारे देश का विभाजन कराया और उसके बाद पाकिस्तान को 65 करोड़ रूपये देने के लिए अनशन पर बैठ गए. गाँधी के कारण ही आज हमारे देश की यह दशा है. क्योंकि बंटवारे के समय हमारे देश में रुके तीन करोड़ मुसलमान आज हमारे देश में पैंतीस करोड़ से भी अधिक की संख्या में पहुँच चुके हैं और दूसरी ओर पाकिस्तान में रुके करीब 25 लाख हिन्दुओं की जनसँख्या पाकिस्तान में सिर्फ और सिर्फ हजारों की गिनती में ही रह गयी हैं, जो कहीं न कहीं गाँधी का हिंदू राष्ट्र विरोधी चेहरा दिखाता है.

हर वर्ष मेरठ स्थित कार्यालय परिसर में हिंदू महासभा के कार्यकर्ता एकत्रित होते हैं और महान गोडसे जी की पूज्य प्रतिमा की पूजा पाठ अनुष्ठान कर तिलक लगाकर फुल मालाओं से प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हैं और कार्यालय परिसर के आस-पास प्रसाद स्वरूप मिष्ठान का वितरण करते हैं.

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कार्यक्रम के समापन के समय महासभा के बुजुर्ग नेता व राष्ट्रिय उपाध्यक्ष एवं नाथूराम गोडसे जी के अनन्य भक्त पंडित अशोक शर्मा जी ने कहा “अगर भारत सरकार हमारे देश को उन्नति तरक्की के रास्ते पर ले जाना चाहती है तो उसे अपनी गाँधीवादी नीतियों को बदलकर गोडसे जी की विचारधारा के साथ चलना होगा, क्योंकि हमारे राष्ट्र का भला सिर्फ और सिर्फ हिंदू राष्ट्र भक्त गोडसे जी की ही नीतियों से हो सकता है.”

जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा “न जाने कितने झूले थे फांसी पर, कितनों ने गोली खाई थी, क्यों झूठ बोलते हो गद्दारों कि सिर्फ गाँधी के चरखे से आजादी आई थी”. कार्यक्रम में उपस्थित हिंदू महासभा कार्यकर्ता, प्रचार मंत्री अरविन्द शर्मा, ऋषि कुमार, दीपक शर्मा, शानू गुप्ता, गोपाल सिंह लोकेश कुमार सहित बहुत से हिंदू राष्ट्र रक्षक मौजूद रहे.

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