मायावती के भाई और भाभी के खिलाफ आयकर विभाग ने कर डाली ये ताबड़तोड़ कार्रवाई! जिससे मायावती की बढ़ी मुश्किलें…

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income-tax department took this prompt action on Mayawati’s brother and sister-in-lawनई दिल्ली : उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख ‘मायावती’ के लिए एक बुरी खबर आई है. जिससे मायावती की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सूत्रों की माने तो आयकर विभाग ने मायावती के भाई और भाभी के 400 करोड़ रुपये का बेनामी प्लाट जब्त किया है.

मायावती के भाई और भाभी पर आयकर विभाग ने कर डाली ये ताबड़तोड़ कार्रवाई! जिससे मायावती की बढ़ी मुश्किलें...

ध्यान देने वाली बात यह है कि ‘आयकर विभाग’ पहले से ही मायावती के भाई ‘आनंद कुमार’ और उनकी पत्नी ‘विचित्रलता’ की संपत्ति की जांच कर रहा है. विभाग की टीम ने जिस प्लॉट को जब्त किया गया है वह नोएडा में स्थित है. हाल ही में मायावती ने आनंद कुमार को बसपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है.

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आपको बता दें कि इस प्लॉट को जब्त करने का आदेश मंगलवार 16 जुलाई को ‘बेनामी निषेध इकाई’ (बीपीयू) ने जारी किया था. इस आदेश के बाद गुरुवार 18 जुलाई को आयकर विभाग ने प्लॉट को जब्त कर लिया. सात एकड़ में फैले इस प्लॉट की कीमत 400 करोड़ रुपये आंकी गई है.

मायावती के भाई और भाभी पर आयकर विभाग ने कर डाली ये ताबड़तोड़ कार्रवाई! जिससे मायावती की बढ़ी मुश्किलें...

कहा जा रहा है कि ‘आयकर विभाग’ की जांच के घेरे में मायावती भी आ सकती हैं. जबकि आयकर विभाग आने वाले दिनों में आनंद कुमार के कई अन्य बेनामी संपत्तियों पर भी कार्रवाई कर सकता है. 

बेनामी संपत्ति के आरोप में पाए जाने पर सात साल की जेल का है प्रावधान

आयकर विभाग के आदेश के अनुसार बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम 1988 की धारा 24(3) के तहत आदेश जारी किया गया. आदेश के अनुसार जब्त की गई संपत्ति को आनंद कुमार और उनकी पत्नी की बेनामी समझा जाएगा. बेनामी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले को सात साल जेल और बेनामी संपत्ति के बाजार में कीमत का 25 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर भी देना पड़ सकता है.

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सूत्रों की माने तो साल 2016 में केंद्र की ‘मोदी सरकार’ द्वारा निष्क्रिय पड़े कानून को लागू करने के बाद आयकर विभाग ने एक नवंबर 2016 से नए बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करनी शुरू की थी. आपको बता दें कि आयकर विभाग भारत में बेनामी अधिनियम को लागू करने वाला ‘नोडल विभाग’ है.

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