मोदी राज में रिसैट-2बी सैटेलाइट लांच कर इसरो ने एक बार फिर से रचा इतिहास! जिसकी पूरे विश्व में हो रही है चर्चा…

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ISRO once again launched history by launching the RISAT-2B satellite in the Modi government (नई दिल्ली) : अभी-अभी एक बड़ी खबर आई है. जिसके बाद ‘भारत’ का सर एक बार फिर गर्व से उंचा हुआ है. सूत्रों की माने तो श्रीहरिकोटा से ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ (इसरो) ने ‘पीएसएलवी-सी46’ से रडार इमेजिंग अर्थ सैटेलाइट (रिसैट-2बी) को सफलतापूर्वक लांच कर दिया है.

मोदी राज में इसरो ने रिसैट-2बी सैटेलाइट लांच कर एक बार फिर से रचा इतिहास! जिसकी पूरे विश्व में हो रही है चर्चा...

इसरो ने जानकारी देते हुए कहा कि सुबह 5.27 मिनट पर पीएसएलवी राकेट ने ‘रिसैट-2बी’ को लेकर उड़ान भरी. इस सैटेलाइट के सफल लांच होने बाद भारत की सुरक्षा और अधिक मजबूत हो जाएगी. 

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इसके आगे इसरो ने कहा कि यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में भारत के लिए आंख के तौर पर काम करेगी. इससे भारतीय सुरक्षाबलों को ‘अंतरराष्ट्रीय सीमा’ पर निगरानी रखने में बहुत मदद मिलेगी. साथ ही इससे पाकिस्तान के कब्जे वाले ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर’ (पीओके) में आतंकी शिविरों की गतिविधियों पर आसानी से कड़ी निगरानी की जा सकेगी.

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सूत्रों की माने तो इस सैटेलाइट का वजन 615 किलोग्राम है और इसे प्रक्षेपण के 15 मिनट बाद ‘पृथ्वी’ की कक्षा में छोड़ा जाना है. यह उपग्रह खुफिया निगरानी, कृषि, वन और आपदा प्रबंधन सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहायता करेगा. फ़िलहाल इसरो प्रमुख ‘के सिवान’ ने मिशन को बहुत बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए खुलकर जानकारी नहीं दी है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि लांच से पहले तिरूपति के प्रसिद्ध ‘भगवान वेंकटेश्वर मंदिर’ में पूजा की. जिसके बाद संवाददाताओं से बात करते हुए सिवान ने कहा कि आरआईसैट-2बी के बाद, इसरो ‘चंद्रयान-2’ पर कार्य करेगा. जिसको नौ से 16 जुलाई के बीच लांच किया जाना है.

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के सिवान

इसके आगे उन्होंने कहा कि ‘‘हर कोई उस मिशन पर बहुत उत्सुकता से नजर बनाए हुए है और इसरो छह सितंबर तक ‘चंद्रयान-2 के रोवर को (चंद्रमा की सतह पर) उतारने को लेकर आशान्वित है.’’

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