लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की आंधी में आम आदमी पार्टी को लगा ये जबरदस्त झटका! जिसके बाद अरविंद केजरीवाल की बढ़ी मुश्किलें…

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It was a tremendous blow to the Aam Aadmi Party by Modi wave in Lok Sabha elections (नई दिल्ली) : जैसा कि आप जानते हैं ‘लोकसभा चुनाव’ के नतीजों को लेकर मतगणना जारी है. मतगणना में रुझानों के बीच ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) को मुश्किल में डाल दिया है. सूत्रों की माने तो एक तरफ जहां अप नेता भाजपा से सीधे लड़ाई की बात कर रहे थे, वहीं पार्टी कई सीटों पर तीसरे नंबर पर पहुंच गई है.

लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में आम आदमी पार्टी को लगा ये जबरदस्त झटका! जिसके बाद अरविंद केजरीवाल की बढ़ी मुश्किलें...
अरविंद केजरीवाल

ध्यान देने वाली बात यह है कि आम आदमी पार्टी के अधिकतर उम्मीदवार तीसरे नंबर पर आ गए हैं. रुझानों को देखते हुए दक्षिणी दिल्ली से आप प्रत्याशी ‘राघव चढ्ढा’ ही ऐसे उम्मीदवार हैं जो दूसरे नंबर पर चल रहे हैं, इनके अलावा कोई भी प्रत्याशी आगे नहीं हैं. यहां तक कि उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से ‘दिलीप पांडेय’ को सबसे मजबूत प्रत्याशी माना जा रहा था. उनको भी कांग्रेस उम्मीदवार ‘शीला दीक्षित’ ने पीछे कर दिया है.

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दरअसल यह यह स्थिति सत्ताधारी आप के लिए अच्छी नहीं है. राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार आप के लिए लोकसभा चुनाव हारने से अधिक कांग्रेस का मजबूत होना अधिक नुकसानदायक है. यह सर्वविदित है कि कांग्रेस का वोट अपनी ओर खींच कर ही आप 2015 में 70 में से 67 सीटें हासिल कर सत्ता में आई थी. जिसके बाद आम आदमी पार्टी 2017 में हुए नगर निगम चुनाव में दूसरे नंबर की पार्टी रही परंतु सत्ता में नहीं आ पाई. इसके अलावा दिल्ली में दो विधानसभा उप चुनाव हुए हैं इनमें आम आदमी पार्टी एक चुनाव जीती है और एक हार मिली है.

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मगर इस बार ‘लोकसभा चुनाव’ में जो नतीजे आ रहे हैं. इसके बारे में आम आदमी पार्टी को जरा भी आभास नहीं था कि है इनकी हालत इतनी खराब हो जाएगी.

सूत्रों की माने तो आप दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और गोवा में सभी सीटों पर चुनाव मैदान में है. हरियाणा को छोड़ दें तो इन सभी पांच राज्यों में आम आदमी पार्टी ने ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. हरियाणा में जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर उनसे 10 में से तीन सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. लेकिन आम आदमी पार्टी का अधिकतर ध्यान दिल्ली पर रहा है.

इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली इस ‘आप सरकार’ होना है. आपको याद दिला दें कि 2015 में ‘दिल्ली विधानसभा चुनाव’ में 70 में से 67 सीटें हासिल की थी. आप को साफ तौर लग रहा था कि जनता में आज भी उसके समर्थन में वही माहौल बना हुआ है.

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सूत्रों की माने तो आम आदमी पार्टी ने जिस तरह दिल्ली में घर घर जाकर अपने समर्थन में माहौल बनाया है. दिल्ली की आप सरकार के कार्यों काे जन जन तक पहुंचाया है. आप ने आठ माह तक लगातार घर-घर जाकर चुनाव प्रचार किया है. जिसको लेकर आप को विश्वास था कि जनता उन्हें जिताएगी.

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