जिग्नेश मेवानी ने इस कारण से प्रधानमंत्री मोदी को बुरा-भला बोला था….

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दिल्ली: गुजरात विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद जिग्नेश मेवाणी अब दलित राजनीति को लेकर देश का चेहरा बनने में जुट गए हैं। पुणे के कोरेगांव मामले से महाराष्ट्र की राजनीति गर्माने के बाद मेवानी शुक्रवार को सीधे दिल्ली पहुंचे। कोरेगांव मामले में दर्ज प्रथमिकी की परवाह किए बिना उन्होंने यहां सीधे पीएम मोदी से दो-दो हाथ करने का ऐलान किया। मेवानी ने कहा कि वे 9 जनवरी को संसद मार्ग पर आयोजित हुंकार रैली को संबोधित करने के बाद पैदल चलकर पीएम आवास जाएंगे और वहां पीएम से मनु स्मृति या संविधान में से किसी एक को चुनने की बात करेंगे।

जिग्नेश मेवाणी  Image Source

आपको बता दे की जिग्नेश मेवाणी सामाजिक न्याय के लिए युवा हुंकार रैली और जनसभा का आयोजन 9 जनवरी, 2018 को पार्लियामेंट स्ट्रीट दिल्ली से करने जा रहे हैं। इससे पहले जिग्नेश मेवाणी ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

इस रैली को लेकर वह खुद सवालों में घिरते नजर आ रहे हैं क्योंकि जिनकी तरफ से प्रेस क्लब में इस प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया वह कोई और नहीं बल्कि अलंकार सवाई हैं. गौरतलब है की सवाई राहुल गांधी के डॉक्यूमेंटेशन और रिसर्च का काम संभालते हैं। अलंकार सवाई राहुल गांधी के साथ लगातार दिल्ली के बाहर उनके साथ जाते रहते हैं। लोगों को इस बात की संका है की जिग्नेश का यह कार्यक्रम कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है और जब इसको लेकर जिग्नेश से सवाल किया गया तो वो मीडिया पर भड़ते दिखे.

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मेवाणी ने कहा कि इस देश में दलित सुरक्षित नहीं है, साथ ही उन्होंने भीमा-कोरेगांव मामले को उठाते हुए बोले “मेरे भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं था। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस ने दिल्ली में मेवाणी की मीटिंग रखवाई थी? क्या इस ईवेंट को राहुल गांधी के सोशल मीडिया संभालने वाले अलंकार सवाई ने रखवाई थी?”

कांग्रेस के अध्यक्ष ‘राहुल गांधी’ Image Source

इस मामले को लेकर सवाल तो उठते ही क्योंकि जिस वक़्त जिग्नेश मेवाणी प्रेस कॉन्फेंस कर रहे थे तब अलंकार प्रेस क्लब में ही मौजूद थे। रिपोर्ट के अनुसार प्रेस क्लब में मीडिया की निगरानी के लिए अलंकार वहाँ मौजूद थे। मीडिया ने अलंकार से पूछा की आप राहुल गांधी के आदमी हैं, तो बिना कुछ कहे अलंकार वहां से भाग खड़े हुए।

अब सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस जिग्नेश का समर्थन कर रही है? आपको बता दें कि, जिग्नेश पर पुणे पुलिस द्वारा भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मामला भी दर्ज किया गया है। अब ऐसे में साफ तौर पर स्पष्ट हो जाता है कि जिग्नेश के इस तरह के बयानों के पीछे किसी और का नही बल्कि कांग्रेस का हाथ है और कांग्रेस के इशारे पर हीं इस तरह के कार्यक्रमों और रैलियों का आयोजन किया जा रहा है।

इससे पहले अल्पेश ठाकोर ने जिग्नेश मेवाणी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के लिए इस्तेमाल की गई भाषा के बारे में कहा था कि जिग्नेश को सोच-समझकर बोलना चाहिए। एक नेता के रूप में, भाषा पर नियंत्रण होना चाहिए।

 

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