भारतीय वायुसेना को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए मेक इन इंडिया कर रहा है इस सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान का निर्माण

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नई दिल्ली : देश की वायुसेना को और भी शक्तिशाली बनाने के लिए मेक इन इंडिया एक बड़ा फैसला लेने जा रही है. जानकारी के अनुसार मेक इन इंडिया के तहत बोइंग के शक्तिशाली लड़ाकू विमान ‘एफ/ए 18’ सुपर हॉर्नेट का निर्माण देश में कराया जायेगा. गुरुवार (12 अप्रैल) को इस कार्य के लिए बोइंग इंडिया ने ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड’ और ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ की रक्षा कंपनी के साथ करार किया. 

भारतीय वायुसेना को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए मेक इन इंडिया कर रहा है इस सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान का निर्माण
एफ/ए-18 सुपर होर्नेट

भारत में इसके निर्माण के लिए पहले ही ‘अमेरिकी’ कंपनी बोइंग ‘भारत’ को पूरी प्रोडक्शन लाइन भारत में हस्तांतरित करने का प्रस्ताव पास कर चुकी है. डिफेंस एक्सपो के चलते बोइंग इंडिया के अध्यक्ष ‘प्रत्यूष कुमार’, एचएएल के चेयरमैन और एमडी ‘टी सुवर्ण राजू’ और महिंद्रा डिफेंस सिस्टम के चेयरमैन ‘एसपी शुक्ला’ ने मेमोरंडम ऑफ एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए. इसको लेकर प्रत्यूष कुमार ने कहा है कि पिटे डेढ़ साल से चर्चा जारी थी.

भारतीय वायुसेना को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए मेक इन इंडिया कर रहा है इस सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान का निर्माण
टी सुवर्ण राजू

सूत्रों से जानकारी के अनुसार लड़ाकू विमान का यह समझौता रक्षा मंत्रालय के लिए ‘मेक इन इंडिया’ विमानों के निर्माण के लिए रणनीतिक साझेदारी के अनुसार किया गया है. इसके अलावा हमने 400 से ज्यादा आपूर्तिकर्ताओं से बातचीत की है. इसके आगे कुमार ने कहा है कि इस करार को लेकर एचएएल और महिंद्रा के साथ बहुत ही खुश हैं. जानकारी के अनुसार पता चला है कि बोइंग कंपनी ‘भारतीय वायुसेना’ को 110 लड़ाकू विमान बेचने की दौड़ में शामिल है. जिसके लिए जिसके लिए पिछले सप्ताह बोईंग ने रिक्वेस्ट फॉर इंफारमेशन जारी किया था. 

भारतीय वायुसेना को अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए मेक इन इंडिया कर रहा है इस सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान का निर्माण
भारतीय वायुसेना

एफ/ए 18 सुपर हॉर्नेट की यह है खासियत

सूत्रों ने इस विमान की खासियत को लेकर जानकारी देते हुए कहा है कि एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट ट्विन इंजन लड़ाकू विमान है. साथ ही यझ यह अतिरिक्त ईंधन भी ले जाने में सक्षम हैं. इस विमान की रफ़्तार 2000 किलोमीटर/ घंटा की है. इसके अलावा एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट विमान एयर टू एयर मिसाइल और एयर टू सरफेस हथियार भी ले जा सकता है. इसकी एक और खासियत यह है कि इसको किसी भी राडार के लिए इसे पकड़ना मुश्किल है. इस विमान को बनाने में लागत लगभग 500 करोड़ रुपए है. 

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