चित्रकला प्रदर्शनी : त्रिवेणी कला संगम में लगी चित्रकार धनवंती भाटिया के खूबसूरत रचना चित्रों की प्रदर्शनी!

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त्रिवेणी : जब हम कला की बात करते हैं तो वह हमारे मंतव्य को सबसे सुन्दर रूप में जनता तक ले जाने का माध्यम होती है. चित्रकला मानव की वह खोज है जिसने निरंतर अपने हर पुराने फार्म का अतिक्रमण किया है और नए रूपों में नए सलीके से फिर से मनुष्यों के मध्य लौटी है.

चित्रकला प्रदशनी : त्रिवेणी कला संगम में लगी चित्रकार धनवंती भाटिया के रचना चित्रों की प्रदर्शनी!

चित्रकार धनवंती भाटिया ने भी अपने विचारों को अपनी चित्र रचना में उकेरकर लोगों के सामने प्रस्तुत किया है. धनवंती भाटिया अहमदाबाद की रहने वाली हैं और इनका हुनर इनके चित्रों में साफ़ झलकता है. धनवंती भाटिया की चित्र प्रदर्शनी त्रिवेणी कला संगम की त्रिवेणी गैलरी में लगी हुई है और जो 24 मई तक देखी जा सकती है. इस प्रदर्शनी का विषय है ‘MATSYA- The Life Through The Panchtatvas.’ अपनी चित्रकला में इन्होने रंग-बिरंगी मछलियों को दर्शाया गया है और पंचतत्वों पर आधारित अपने विचारों को प्रकट किया है. 

चित्रकला प्रदशनी : त्रिवेणी कला संगम में लगी चित्रकार धनवंती भाटिया के रचना चित्रों की प्रदर्शनी!

धनवंती भाटिया के अनुसार ‘मेरी कला का रूप जीवन के सत्य पर आधारित है. वायु, जल, अग्नि, पृथ्वी और आकाश का एक मछली के रूप में मिश्रण है जो मेरी आत्मा को दर्शाता है.’

मछली को प्रदर्शनी की थीम के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया है क्योंकि वह जुनून, आंदोलन, इच्छा, स्वतंत्रता व रचनात्मकता, विचारों और अभिव्यक्तियों की असीमता का प्रतिनिधित्व करती है. जीवन के समुद्र में स्वतंत्रता से तैरने का विचार, कभी-कभी ज्वार के खिलाफ, कभी-कभी इसके साथ. यही इनकी रचनाओं का दर्शन है, जो शांति, तूफान और पंचतत्वों के विलय के बीच में सभी परिस्थितियों को दर्शाता है. 

चित्रकला प्रदशनी : त्रिवेणी कला संगम में लगी चित्रकार धनवंती भाटिया के रचना चित्रों की प्रदर्शनी!

धनवंती भाटिया की सभी रचनाएं फॉर्म से मुक्त हैं क्योंकि उन्हें चमकदार रंग संयोजनों के उपयोग के साथ क्षैतिज और लंबवत दोनों तरह से देखा जा सकता है ताकि जटिलताओं से मुक्त अस्तित्व के बारे में सोचा जा सके. 

इनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी रविशंकर कला भवन (अहमदाबाद), मार्वल आर्ट गैलरी (अहमदाबाद), दिल्ली आदि जगहों पर लग चुकी हैं.  

 

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