काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की खुली पोल! प्रमाणित हो गया कि काशी में तोड़े जा रहे हैं मन्दिर व मूर्तियां

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वाराणसी : काशी में धर्म की हानि सारी हदें तोड़ रही है और अपने चरम पर पहुँच चुकी है | कल काशी में लंका थाना के अंतर्गत आने वाले रोहीत नगर में अस्सी नदी के कीनारे जिसे अब नाले के रूप में तब्दील कर दिया गया है उसमें मलबे के अंदर सैकड़ों की संख्या में शिवलिंग निकले हैं | इस घटना से पूरे क्षेत्र में कोलाहल है | हालाँकि अभी के लिए बरामद शिवलिंगों को थाने पहुंचा दिया गया है और जानकारी मिलने पर स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी रोहित नगर स्तिथ थाणे में तुरंत प्रभाव से पहुंचे |   

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की खुली पोल! प्रमाणित हो गया कि काशी में तोड़े जा रहे हैं मन्दिर व मूर्तियां
मलवे में फेंके गए शिवलिंग

महादेव की नगरी काशी में ही महादेव की ऐसी स्तिथि देखकर जनता में आक्रोश है लेकिन इसके बाबजूद भी लोगों ने स्वामीश्री के साथ मिलकर मलबे में से शिवलिंगों और विग्रहों को निकाला और स्वामिश्री ने सारे शिवलिंग एक जगह इकठ्ठा करवा कर उनकी पूजा अर्चना की |

अधिकारीयों को इस संदर्भ में सारी जानकारी देते हुए स्वामिश्री ने रोष प्रगट किया | जब शिवलिंगों को रखवाकर उनकी गिनती कराई गयी तो मालूम चला कि मलबे से मिलने वाले शिवलिंगों की संख्या 126 है |

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की खुली पोल! प्रमाणित हो गया कि काशी में तोड़े जा रहे हैं मन्दिर व मूर्तियां
मलवे में फेंके गए शिवलिंगों का मुआयना करते हुए स्वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद जी

काशी के अंदर जो सब कुचक्र चल रहे हैं उनको लेकर अब स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और फलस्वरूप इस घटना पर थाणे के अंदर ही बैठकर सैकड़ों लोगों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की | स्वामिश्री के आदेश पर अज्ञात लोगों के खिलाफ उक्त मामले में FIR दर्ज करा दी गयी है |

इतनी भारी संख्या में शिवलिंग और टूटे विग्रह निकलने से स्वामिश्री काफी आहत थे और उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि राममंदिर बनवाने का दावा करने वाले दल के शासनकाल में इतनी क्रूरता के साथ मंदिरों और देववीग्रहों को तोड़ा गया है |

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की खुली पोल! प्रमाणित हो गया कि काशी में तोड़े जा रहे हैं मन्दिर व मूर्तियां
लंका थाने पर रखा गया शिवलिंग का ढेर, जो रोहितनगर में मलवे में मिला था.

स्वामी श्री ने कहा कि वो शुरू से ही कहते आये हैं कि विश्वनाथ कोरीडोर के नाम पर मंदिरों और देव विग्रहों को तोडा जा रहा है लेकिन शासन और प्रशासन संसाधनों के बल पर उन्हें झूठा साबित करने पर लगे हैं लेकीन अब ये बात प्रमाणित हो गयी है कि कोरिडोर के नाम पर हजारों साल पुराने पौराणिक मंदिरों और देव विग्रहों को नष्ट करके हजारों साल पुरानी हिन्दू संस्कृति के चिन्ह मिटाए जा रहे हैं | स्वामी श्री ने कहा की ये सहन योग्य नहीं है की हमारे आराध्यों के वीग्रह और प्रतिमाओं पर इतनी क्रूरता के साथ प्रहार किया जाए |

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने इस बात की पुष्टि की है की ये समस्त विग्रह विश्वनाथ मंदिर के आस पास के हैं |
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में बहुत रोष और क्रोध है जिसको लेकर सरकार अपनी मनमानी करने पर तुली है | स्थानीय लोगों का कहना है कि काशी में चल रहे ये कुचक्र रुकने चाहिए |

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