Breaking News : सुप्रीम कोर्ट ने एक फिर दिया हिन्दुओं को झटका! मीलार्ड ने 8 राज्य के हिन्दुओं को..

179

10 नवंबर, 2017 – सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर से हिन्दुओं को निराश कर दिया है. हिन्दुओं पर आए कोर्ट के इस फैसले के बाद हिंदू समाज एक बार फिर से सोचने को मजबूर हुआ है.

Breaking News : सुप्रीम कोर्ट ने एक फिर दिया हिन्दुओं को झटका! मीलार्ड ने 8 राज्य के हिन्दुओं को..
सर्वोच्च न्यायालय

कोर्ट ने अल्पसंख्यक हिन्दुओ को अल्पसंख्यक का दर्जा देने से साफ़ तौर पर इंकार कर दिया है. याचिका को सुनने तक से मना कर दिया है और याचिका को बिना सुनवाई ही खारिज कर दिया है. न ही कोर्ट इस पर कोई विचार करेगा. यह हिन्दुओं के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है.

आपको बता दें कि भारत के 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हिन्दू अल्पसंख्यक है, असल में हिन्दू अल्पसंख्यक है, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, पंजाब, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणांचल प्रदेश और मणिपुर, इन सभी इलाकों में हिन्दू अल्पसंख्यक है, लेकिन इसके बाद भी हिन्दुओ को बहुसंख्यक माना जाता है, और अल्पसंख्यकों के लाभ उन्हें मिलते है जो असल में बहुसंख्यक है. अब भारत की अदालतों से भी हिन्दुओं को कोई उम्मीद नहीं रही. पहले हिंदू त्योहारों को निशाना बनाया जाता था तो अब हिन्दुओं को उनके अधिकार भी नहीं मिल रहे हैं.

कुछ दिनों पहले भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमे उन्होंने मांग की थी इन 8 राज्यों में हिन्दुओ को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाय. लेकिन इसकी पहली ही सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया, सुनवाई तक से इंकार कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा की, हम इस याचिका को नहीं सुनेंगे, तुम अल्पसंख्यक आयोग जाओ और वहां बात करो, सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओ को अल्पसंखयक का दर्जा देना तो दूर सुनवाई से तक इंकार कर दिया. और फिर से एक बार हिन्दुओं को निराश किया.

आए दिन सुप्रीम कोर्ट हिन्दुओं के साथ नाइंसाफी का रहा है. ये वही सुप्रीम कोर्ट है जिसके सामने अगर आप दीपावली पर पटाखे बैन करने की मांग लेकर जाते है तो उस पर कोर्ट सुनवाई करता है, ये नहीं कहता की पर्यावरण मंत्रालय के पास जाओ, पर जब याचिका आती है की अल्पसंख्यक हिन्दुओ को अल्पसंख्यक का दर्जा तो मिले, तो जज कहते है की अल्पसंख्यक आयोग के पास जाओ, और याचिका को ख़ारिज कर देते है. अब ऐसे में हिंदू जाएँ तो जाएँ कहाँ.

loading...