बैंक लोन दबाने वालों पर कड़ी कार्रवाही करेगी मोदी सरकार, अपनाने जा रही है ये धमाकेदार प्लान..माल्या तक के उड़े होश!

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जो लोग बैंको से लिया हुआ लोन चुकाने से इंकार कर रहे है. सरकार उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लेने वाली है. बता दें कि केंद्र ने इस दिशा में कदम उठाते हुए मंगलवार को सभी सरकारी बैंकों को आदेश दिया है कि वे फ्रॉड की आशंका से 50 करोड़ रुपये से अधिक के एनपीए (फंसे कर्ज) खातों की जांच करें.

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नरेंद्र मोदी image source

यदि किसी बैंक का ऐसे मामले में फ्रॉड पकड़ में आता है तो वे तुरंत इसकी जानकारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दें. बता दें कि इस बीच सरकार बैंकों से लोन लेकर विदेश भागने वाले हाई-प्रोफाइल लोगों और कारोबारियों से पैसा वसूलने के लिए एक नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है. इस विधेयक के कानून बनने पर विशेष अदालतों के जरिए भगोड़ा कारोबारियों की संपत्ति जब्त की जाएगी.

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वित्त मंत्रालय image source

बता दें कि वित्त मंत्रालय के बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्रों के सभी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को बैंक फ्रॉड पकड़कर सीबीआइ को सौंपने का निर्देश दिया गया है. साथ ही उन्हें 50 करोड़ रुपये से ज्यादा एनपीए वाले खातों की जांच इस नजरिये से करने के लिए बोला गया है कि कहीं इन खातों में बैंक फ्रॉड तो नहीं हो रहा है.

वित्त मंत्रालय का यह निर्देश बैंकों को ऐसे समय मिला है जब अरबपति ज्वैलर नीरव मोदी देश के सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक को 12,700 करोड़ रुपये का चूना लगाकर देश से फरार हो गया है. बता दें कि इससे पहले विजय माल्या भी बैंकों से लोन लेकर विदेश भाग चुका है. सरकार ने जो निर्देश दिया है ये इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी बैंकों के एनपीए की राशि बढ़कर 8.5 लाख करोड़ रुपये कर दी गयी है.

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सीबीआई image source

इसलिए एनपीए के मामलों की यह पहचान करनी बहुत जरूरी है कि कहीं ये फ्रॉड तो नहीं हैं. सरकार द्वारा बैंकों को यह भी कहा गया है कि वे 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के फ्रॉड के मामले में अपने मुख्य सतर्कता अधिकारी से परामर्श करने के बाद इसकी जांच के लिए सीबीआइ(CBI) के साथ समन्वय करें.

बता दें कि इसके साथ ही बैंक केंद्रीय आर्थिक खुफिया ब्यूरो यानी सीईआइबी से एनपीए बनने वाले खातों के संबंध में उधार लेने वाले व्यक्ति की जानकारी प्राप्त करते रहें. सीबीआइ(CBI) को एक सप्ताह के अन्दर बैंकों को रिपोर्ट देनी होगी. कुमार का कहना है कि बैंक यदि फेमा या मनी लॉंड्रिंग से संबंधित कोई मामला पकड़ते हैं तो उसकी सूचना वे तुरंत प्रवर्तन निदेशालय और राजस्व खुफिया निदेशालय को पहुचाएं.

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अरुण जेटली image source

बता दें कि इस बीच सरकार बैंकों से लोन लेकर विदेश भाग जाने वाले लोगों से पैसा वसूलने के लिए एक नया विधेयक लेकर आ रही है. भगोड़ा आर्थिक अपराध विधेयक (फ्यूगिटिव इकनॉमिक अफेंडर बिल 2017) नामक यह विधेयक छह मार्च से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश होने के आसार हैं. मानना है कि इस विधेयक के कानून बनने पर बैंकों से लोन लेकर विदेश भाग चुके लोगों से धनराशि वसूल कर ली जा सकेगी. इस कानून के अंतर्गत ऐसे मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अदालतें बनाई जाएंगी. सूत्रों के अनुसार कानून मंत्रालय ने इस विधेयक के मसौदे को हरी झंडी दिखा दी है.

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