दो हिन्दू लडकियों का जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने के मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने सुनाया ये हैरान कर देने वाला फैसला…

402

The Islamabad High Court has given a shocking verdict in the case of forced conversion of two Hindu girls (इस्लामाबाद) : आपको याद हो कि हाल ही में ‘पाकिस्तान’ में दो नाबालिक ‘हिन्दू’ बेटियों को जबरन निकाह कराकर ‘इस्लाम धर्म’ कबूल कराया था. इस मामले को लेकर ‘इस्लामाबाद उच्च न्यायालय’ ने एक शर्मनाक फैसला दिया है. जिसकी विश्व में निंदा की जा रही है.

दो हिन्दू लडकियों का जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने के मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने सुनाया ये हैरान कर देने वाला फैसला...
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि दोनों हिन्दू लडकियों को जबरन मुसलमान नहीं बनाया गया और वे अपने पतियों के साथ रह सकती हैं. आपको बता दें कि ‘रवीना’ (13), ‘रीना’ (15) और उनके पतियों ने पुलिस के कथित उत्पीड़न के खिलाफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी.

यह भी पढ़े : मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट का आया बड़ा आदेश जिससे दुनिया में मची खलबली

सूत्रों की माने तो हाल ही में दोनों लड़कियों के पिता और भाई ने आरोप लगाते हुए कहा था कि लड़कियां नाबालिग हैं. पहले दोनों लड़कियों का अपहरण किया गया और उनका जबरन धर्मांतरण कराया गया. इसके अलावा दोनों लडकियों की मुस्लिम व्यक्तियों से शादी करा दी गई. मीडिया रिपोर्ट की माने तो अपनी अर्जी में दोनों लड़कियों ने दावा करते हुए कहा कि वे घोटकी (सिंध) के एक हिंदू परिवार से जरूर हैं, परंतु उन्होंने इस्लामिक उपदेशों से प्रभावित होकर अपना धर्म बदला.

दो हिन्दू लडकियों का जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने के मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने सुनाया ये हैरान कर देने वाला फैसला...

दूसरी तरफ दोनों लड़कियों के पिता के वकील ने कहा कि मुस्लिमों द्वारा लडकियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. चीफ जस्टिस ‘अतहर मिनाल्लाह’ ने इस बात की जांच के लिए पांच सदस्यीय आयोग बनाया था कि क्या इन दोनों हिन्दू बहनों का जबरन धर्मांतरण कराया गया या मामला फिर कुछ और है.

मानवाधिकार मंत्री ‘शिरीन माजरी’, प्रख्यात मुस्लिम विद्वान ‘मुफ्ती ताकी उस्मानी’, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ‘डॉ. मेहंदी हसन’, राष्ट्रीय महिला दर्जा आयोग ‘खवार मुमताज’ और मशहूर पत्रकार ‘रहमान’ वाले इस आयोग ने मामले की जांच की और वह इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मामला जबरन का धर्मांतरण नहीं है. रवीना और रीना को होली से एक दिन पहले कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के एक समूह ने उनके घर से कथित रूप से अगवा कर लिया था.

दो हिन्दू लडकियों का जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने के मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने सुनाया ये हैरान कर देने वाला फैसला...
शिरीन माजरी

ध्यान देने वाली बात यह है कि बाद में एक वीडियो जारी हुआ जिसमें एक मौलवी दोनों हिन्दू लडकियों का कथित रूप से निकाह कराते हुए दिखाया गया था. इस विडियो को लेकर काफी बवाल हुआ था. जिसको लेकर भारत की विदेश मंत्री ‘सुषमा स्वराज’ ने इस मामले में इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था.

loading...