मोदी राज में भारतीय वायुसेना को मिली ये बड़ी शक्ति! जिससे भारत के दुश्मनों में मचा हडकंप…

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The power of the IAF has increased in Modi Raj! This caused a ruckus in the enemies of India (नई दिल्ली) : अभी-अभी ‘भारतीय वायुसेना’ के लिए बड़ी खबर आई है. जिसके बाद भारत के दुश्मन देशों में हलचल पैदा हो गई है. सूत्रों की माने तो मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद और भी मजबूत करने की दिशा में ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ की क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दिया है.

मोदी राज में भारतीय वायुसेना को मिली ये बड़ी शक्ति! जिससे भारत के दुश्मनों में मचा हडकंप...

रविवार 7 जुलाई को ‘ब्रह्मोस एरोस्पेस’ के सीईओ ‘सुधीर कुमार मिश्रा’ ने कहा है कि 500 किलोमीटर तक की बढ़ी हुई रेंज के साथ स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल का उन्नत संस्करण तैयार है. आपको बता दें कि अभी तक यह 290 किलोमीटर तक के निशाने को भेद पाती थी.

इसके आगे उन्होंने कहा कि इस मिसाइल की सीमा को बढ़ाना संभव है क्योंकि भारत अब ‘मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था’ (एमटीसीआर) का एक हिस्सा है. साथ ही यह भी कहा कि अब यह स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल दुश्मनों को मात देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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सुधीर कुमार ने आगे कहा कि ‘भारत ने विश्व की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के ‘वर्टिकल डीप डाइव’ संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है और अब हम युद्ध की स्थिति में गतिशीलता बदल सकते हैं. 500 किमी तक की बढ़ी हुई रेंज के साथ स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल का उन्नत संस्करण तैयार है.’

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साथ ही उन्होंने कहा कि इसका ‘भारतीय वायुसेना’ के ‘सुखोई-30’ विमान से परीक्षण किए जाने के बाद लड़ाकू विमानों पर लंबी दूरी की मिसाइलों को एकीकृत करने वाला भारत इकलौता देश है. 

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देश की सेनाओं की पसंद

सुधीर कुमार मिश्रा ने यह भी कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल देश की सेना, नौसेना और वायु सेना की पसंद बन गया है. यह मिसाइल 90 डिग्री का संस्करण निशाने को भेदने वाला एक महत्वपूर्ण विमान वाहक है. इसके आगे उन्होंने कहा कि ‘ब्रह्मोस एरोस्पेस’ द्वारा विकसित की गई तकनीकें इससे पहले भारत या रूस में मौजूद नहीं थीं. ब्रह्मोस एरोस्पेस भारत और रूस सरकारों के स्वामित्व वाला एक संयुक्त उपक्रम है और इसकी मिसाइलों भारत में तैयार किया जाता है.

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