बाढ़ से तबाह केरल की मदद के लिए यूएई का 700 करोड़ प्रस्ताव! परंतु मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

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केरल : जानकारी के अनुसार इस बात को भलिभांति जानते हैं कि भारी बारिश के बाद आज ‘केरल बाढ़’ के कारण तबाह हो गया है और यह तबाही लगातार जारी है. केरल की मदद के लिए चौतरफा मदद के लिए हर कोई आगे आ रहा है. मगर अब ऐसी खबरें हैं कि केरल में बाढ़ राहत अभियान के लिए सरकार विदेशों से वित्तीय सहायता स्वीकार करने के मूड में नहीं है. सरकार अब केरल में लोगों की जिंदगी को फिर से पटरी पर वापस लाने के लिए हर कोशिश कर रही है. 

बाढ़ से तबाह केरल की मदद के लिए यूएई का 700 करोड़ प्रस्ताव! परंतु मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला
केरल बाढ़

मंगलवार 21 अगस्त को मुख्यमंत्री ‘पिनरई विजयन’ ने घोषणा की है कि केरल को बाढ़ की तबाही से निपटने के लिए  ‘संयुक्त अरब अमीरात’ (यूएई) ने 700 करोड़ रूपये की सहायता का प्रस्ताव दिया है. परंतु ‘केंद्र सरकार’ इसे स्वीकार नहीं कर सकती है.

एक वरिष्ठ मंत्रालय स्तर के अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि केंद्र सरकार अभी किसी भी विदेशी वित्तीय मदद स्वीकार नहीं कर रही है, यही कारण है कि बाढ़ से प्रभावित केरल यूएई द्वारा दिये गए वित्तीय मदद के प्रस्ताव पर भी लागू होता है. दरअसल इसके आगे उन्होंने कहा है कि इसको लेकर अंतिम फैसला केवल विदेश मंत्री द्वारा ही लिया जाएगा. 

बाढ़ से तबाह केरल की मदद के लिए यूएई का 700 करोड़ प्रस्ताव! परंतु मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला
पिनरई विजयन

मदद को लेकर ‘विदेश मंत्रालय’ ने कहा है कि अभी तक इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिक बाढ़ पीड़ित केरल की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना दान भेज सकते हैं जो कि टैक्स फ्री होगा. 

सीनियर अधिकारियों ने मीडिया से कहा है कि केरल की मदद के लिए यदि कोई विदेशी सहायता गैर-लाभकारी संस्थाओं या गैर सरकारी संगठनों से आ रही है, जो विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत हैं, तो उन पर टैक्स लागू नहीं होगा. परंतु गैर सरकारी संगठनों से दान प्राप्त होता है, जो कि पंजीकृत नहीं है, तब इसे ‘एनजीओ’ के आय के रूप में गिना जाएगा, जिस पर टैक्स लगेगा. 

बाढ़ से तबाह केरल की मदद के लिए यूएई का 700 करोड़ प्रस्ताव! परंतु मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पूछे जाने पर कि क्या केरल के लिए यूएई द्वारा प्रस्तावित 700 करोड़ रुपये की मदद पर सरकार टैक्स लागू करेगी, क्योंकि यह डायरेक्ट टैक्स ट्रांसफर होगा, केरल के वित्त मंत्री ‘थॉमस इसाक’ ने कहा है कि राशि पर कर लगाने के लिए कोई प्रावधान नहीं है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि वर्तमान समय में भारत के लगभग 30 लाख लोग यूएई  में रहते हैं, जिनमें से 80 फीसदी केरल के रहने वाले हैं. आपको बता दें कि ‘मालदीव सरकार’ ने भी केरल की मदद के लिए 35 लाख रुपये दान देने का निर्णय लिया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि ‘संयुक्त राष्ट्र’ (यूएन) भी मदद के लिए आगे आ सकता है. 

बाढ़ से तबाह केरल की मदद के लिए यूएई का 700 करोड़ प्रस्ताव! परंतु मोदी सरकार ले सकती है बड़ा फैसला
थॉमस इसाक

परंतु सूत्रों की माने तो सरकार किसी भी विदेशी मदद को स्वीकार करने के मूड में नहीं है. यह बाढ़ सदी की सबसे विनाशकारी बाढ़ है, जिसमे लगभग 350 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 14 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के लिए 500 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया है. 

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