देखिये देश की वो टॉप महिला बॉडी बिल्डर, जिन्होंने बढ़ाया देश का मान

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हम सभी भारतीय कल ‘स्वतंत्रता दिवस‘ की 70वीं सालगिरह मनाने वाले है। पिछले कुछ वर्षो से हमारे देश की महिलओं ने उन क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल की है, जिन क्षेत्रों में सिर्फ पुरुषों का बोलबाला होता था। ऐसा ही एक क्षेत्र बॉडीबिल्डिंग है, आएये आपको इंटरनैशनल लेवल पर अपना दबदबा ज़माने वाली देश की कुछ टॉप बॉडी बिल्डर्स से रूबरू कराते है।

देखिये देश की वो टॉप महिला बॉडी बिल्डर, जिन्होंने बढ़ाया देश का मान

अंकिता इन टॉप बॉडी बिल्डर्स में से एक है, दरअसल बात कुछ समय पहले की है जब अंकिता अपने दोस्त के घर से रात को अपने घर जा रही थी। तभी एक कार से पाँच अनजान लड़के उतरे और अंकिता को जबरदस्ती अपनी कार में बैठाने लगे, परन्तु अंकिता अकेले ही सभी लड़को पर भरी पड़ी और इन सभी की कोशिश को नाकामयाब कर दिया।

अंकिता की जान उनके जूनून बॉडीबिल्डिंग की वजह से बच गई थी। अंकिता ने 2014 से बॉडीबिल्डिंग के इस इंटरनैशनल खेल में अपनी अलग ही पहचान बनाई, उन्होंने अपने कॉलेज के दौरान से ही जिम जाना शुरू कर दिया था। अंकिता ने 2014 में ही सोच लिया था की वह बॉडीबिल्डिंग को ही अपना प्रफेशन बनाएंगी।

इस बात को लेकर उनके पिता इतने नाराज़ हुए की उन्होंने अंकिता से एक साल बात तक नही की थी, परन्तु समय के साथ जैसे ही अंकिता को कामयाबी मिलनी शुरू हुई तो उनके पिता की नाराजगी भी खत्म हो गई। सूत्रों के अनुसार इस समय अंकिता बेंगलुरू की एक एमएनसी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, अंकिता डेली 2 घंटे जिम में बिताती है लेकिन चैंपियनशिप से 1 महीने पहले वह 3 घंटे जिम को देती हैं।

अंकिता की उपलब्धियां: अंकिता ने साल 2014 में फिटनेस कैटिगरी में ‘वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप’ का पाँचवा स्थान हासिल किया और साल 2015 में मिस इंडिया बॉडीबिल्डिंग कॉन्टेस्ट में तीसरा स्थान हासिल किया था, जबकि साल 2016 में अंकिता चौथे स्थान पर रहीं। इस समय अंकिता एशियन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप की तैयारी काफी जोर शोर से कर रही है।
भूमिका भी इंटरनैशनल लेवल की खिलाड़ी है। भूमिका का मन शुरू से बॉडीबिल्डर बनने का था, लेकिन सिर्फ घरवालो का मन रखने के लिए भूमिका ने कई सालों तक निशानेबाजी सीखी थी।

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एक दिन जब जिम के ट्रेनर ने भूमिका को एक महिला बॉडीबिल्डर का विडियो दिखाया तो भूमिका को लगा कि यही वह खेल है, जिसकी उन्हें तलाश थी। लेकिन भूमिका के लिए अपने घरवालों को मनाना इतना आसान नहीं था। भूमिका की मम्मी हंसा शर्मा देश की महिला वेटलिफ्टिंग टीम की कोच हैं, उनकी मम्मी ने ही भूमिका को बॉडीबिल्डर बनने के लिए इजाजत दे दी थी।

प्राप्त ख़बर के अनुसार भूमिका दिन में 2 से 3 घंटे जिम में बिताती है, परन्तु किसी भी टूर्नामेंट के शुरू होने से तीन महीने पहले वह रोजाना जिम को 6 घंटे देती है। भूमिका ने कहा की इस खेल में आने के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।

बॉडीबिल्डर को लेकर उन्होंने बताया कि इस खेल के लिए बहुता सारा पैसा होना चाहिए, डाइट, जिम और दूसरी चीजों पर काफी पैसा खर्च होता है। इस खेल को लेकर जनता का कहना है कि लड़कियां नाजुक होती है, उन्हें सिर्फ घर संभालना चाहिए। भूमिका ने कहा की इन्हीं सब वजहों से लड़कियां इस खेल में कम हैं।

भूमिका की उपलब्धियां: कुछ दिन पहले ही भूमिका ने दुनिया भर से आईं 50 महिलाओं को हराकर मिस वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप अपने नाम की है। इससे पहले साल 2016 में ‘मिस दिल्ली बॉडिबिल्डिंग चैंपियन’ रही थी, इस समय फ़िलहाल भूमिका दिसंबर में होने वाली मिस यूनिवर्स बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप की तैयारी कर रही है।
अब हम आपको जिसके बारे में बताने जा रहे है, दरअसल 42 साल की यह महिला 13 साल की बेटी और 7 साल के बेटे की मां हैं और इनका नाम भारत की टॉप बॉडीबिल्डरों में सम्मान से लिया जाता है।

इस महिला का नाम सोनाली है, इन्होने पिछले साल भूटान में हुई एशियन चैंपियनशिप फिटनेस कैटिगरी का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। सोनाली पहले एक ‘कथक डांसर‘ थी, बॉडीबिल्डिंग के इस खेल में सोनाली लगभग चार साल से है। सोनाली ने पहली बार 2014 में बॉडीबिल्डिंग कॉम्पिटिशन में हिस्सा था।

सोनाली की उपलब्धियां: सोनाली ने 2014 में मुंबई में फिट फैक्टर शो को अपने नाम किया था और 2015 में मसलमेनिया टूर्नामेंट में 2 गोल्ड भी जीते थे। इसके साथ साथ सोनाली ने इसी साल वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में टॉप टेन में अपना स्थान बनाया था।
मणिपुर को एक नई पहचान देने वाली ‘बॉक्सर मैरीकॉम’ के बाद अब यह काम बॉडीबिल्डर सरिता देवी कर रही हैं। सरिता के दो बेटे हैं, उनके पति डेंटल क्लिीनिक चलाते हैं।

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सरिता महीने में डाइट और जिम पर करीब 15 हजार रुपये खर्च करती हैं। उनका कहना है कि अगर मणिपुर सरकार से नौकरी मिल जाए तो उनकी स्थिति कुछ बेहतर हो जाएगी।

सरिता की उपलब्धियां: सरिता ने साल 2015 में वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था और साल 2015 और 2016 की एशियन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल भी हासिल किया था। जबकि साल 2016 की वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में सरिता चोथे स्थान पर थी।
मोनिका जम्मू की पहली लड़की है, जिन्होंने बॉडीबिल्डिंग के खेल में अपना नाम बनाया और एथलीट कैटिगरी में हिस्सा लेने वाली मोनिका फिलहाल सुबह-शाम 3 घंटे जिम करती हैं।

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मोनिका की उपलब्धियां: मोनिका ने साल 2017 में मिस जम्मू एंड कश्मीर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में खिताब अपने नामे किया है और इसी साल मिस नॉर्थ इंडिया बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का टाइटल और चैंपियन ऑफ चैंपियन का खिताब भी अपने नाम किया है। मोनिका मिस इंडिया बॉडीबिल्डिंग कॉम्पिटिशन में टॉप 15 में भी थी।
मुंबई की श्वेता भाटिया ने साल 2015 में स्टेट और नैशनल लेवल पर फिटनेस कैटिगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन फ़िलहाल श्वेता भाटिया ‘आईबीबीएफ’ की जज हैं।

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इस खेल को लेकर कुछ ख़ास बाते

1. बॉडीबिल्डिंग: इसमें खिलाड़ी को बहुत ज्यादा मसल्स बनाने होते हैं।
2. एथलेटिक: इसमें बॉडीबिल्डिंग के मुकाबले कम मसल्स बनाने पड़ते हैं।
3. फिटनेस या स्पोर्ट्स: इसमें खिलाड़ी को एथलीट लेवल की बॉडी बनानी होती है।
4. मॉडल: इसमें मॉडल की तरह बॉडी को फिट रखना होता है और ऐब्स पर खास ध्यान देना होता है।
अहम इंटरनैशनल टूर्नामेंट
1. मिस्टर औऱ मिस एशिया
2. मिस्टर और मिस वर्ल्ड
3. अर्नाल्ड क्लासिक
4. मिस्टर और मिस ओलंपिया

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