बड़ी खबर: कांग्रेस के खिलाफ केस खुलने के तुरंत बाद इन चार जजों ने हल्ला मचाते हुए कह डाली ये बात..

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13 जनवरी, 2018 – अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा चौंकाने वाली खबर सामने आई है. लोकतंत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने हैरान करने वाला बयान दिया है. 

अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. लोकतंत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने हैरान करने वाला बयान दिया है.

इन जजों का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है, ये लोग चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया पर आरोप लगाते तो हैं लेकिन बताते नहीं कि लोकतंत्र आखिर खतरे में क्यों है. लोकतंत्र के खिलाफ आखिर ऐसा कौन सा फैसला सुना दिया जिसने कि लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है.

देश में अराजकता फ़ैलाने के लिए ये चारों जज मीडिया के सामने खूब हल्ला मचाते हैं और देश को बताते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है. इनकी प्रेस कांफ्रेंस के बाद देशद्रोही इन जजों को समर्थन करने पहुँच जाते हैं और प्रशांत भूषण, जिग्नेश, मेवानी, कन्हैया कुमार व कांग्रेस के नेता आदि इनके समर्थन में खड़े हो जाते  हैं और खूब हल्ला मचाते हैं.

अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. लोकतंत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने हैरान करने वाला बयान दिया है.

अब हम आपको कुछ बिंदु बताते हैं, इन पर प्रकाश जरुर डालिए और अच्छे से समझिये. भारत के वर्तमान चीफ जज दीपक मिश्रा हैं और राष्ट्रवादी के रूप में जाने जाते हैं क्योंकि इन्होने सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान अनिवार्य किया था. इसके बाद कल इन्होंने 1984 में हुए सिख दंगों की करीब सौ से ज्यादा फाइलों को खोलने का आदेश जारी कर दिया है. बता दें कि ये सारे केस कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ हैं जिनको बड़ी ही चतुराई से बंद कर दिया गया था. लेकिन दीपक मिश्रा ने इन केसों को फिर से खुलवा दिया है. 

इतना ही नहीं, इसके बाद चीफ जज ने अयोध्या में राम मंदिर का मसला भी अपने पास रख लिया है. फ़िलहाल 5 जजों की बेंच अयोध्या के मसले पर चर्चा कर रही है और दीपक मिश्रा स्वयं इस बेंच के अध्यक्ष हैं. अयोध्या मसले को लेकर राम मंदिर के खिलाफ केस लड़ने वाले कपिल सिब्बल हैं. 

अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. लोकतंत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने हैरान करने वाला बयान दिया है.
दीपक मिश्रा : भारत के वर्तमान चीफ जज

चीफ जज दीपक मिश्रा द्वारा जैसे 1984 के सिख दंगों के केस खुलवाने के आदेश दिए, उसके तुरंत बाद दिल्ली में जज चेलमेश्वर के घर सुबह पहुँचता है अफ़ज़ल प्रेमी गैंग का वामपंथी नेता और राज्यसभा सांसद डी राजा. फिर इसके बाद चार जज तैयार होकर प्रेस कांफ्रेंस में उतर जाते हैं व लोकतंत्र के खतरे की बात करते हैं.

इन चार जजों में से एक का नाम है जज कुरियन. यह एक कट्टरपंथी ईसाई है और इसी ने प्रधानमंत्री मोदी को ईसाई विरोधी कहा था. इसका मतलब ये है कि ये मोदी विरोधी तो है ही साथ में सोनिया गाँधी जो कि एक रोमन कैथोलिक है, उसका भी बहुत बड़ा समर्थक है. मोदी आधार के माध्यम से सब कुछ लिंक कर रहे हैं तो इन भ्रष्टाचारियों की जान हलक में अटकी हुई है.  

बड़ी खबर: कांग्रेस के खिलाफ केस खुलने के तुरंत बाद इन चार जजों ने हल्ला मचाते हुए कह डाली ये बात..

अगले जज का नाम है रंजन गोगोई, जो कि जो कि असम कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री केशव गोगोई का सगा बेटा है और चौथा जज भी पूर्ण रूप से वामपंथी है, डी राजा से मुलाकात के बाद ये लोकतंत्र के खतरे की खबर फैला देते हैं. अगर सिर्फ 1% भी दिमाग लगायें तो अप समझ जायेंगे. अभी 2018 चल रहा है और विपक्ष के लिए करो या मरो की स्थिति है क्योंकि अगले साल चुनाव हैं. लोकतंत्र नहीं बल्कि सीधे तौर पर कांग्रेस खतरे में हैं.    

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