दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम को दिया झटका ! मांगी थी जमानत लेकिन एम्स के डॉक्टरों ने खोल दी पोल

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नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में जोरदार झटका लगा है। चिदंबरम की स्वास्थ्य कारणों से मांगी गई जमानत अर्जी को शुक्रवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। दरअसल चिदंबरम ने प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत को चुनौती देते हुए अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

दिल्ली HC ने चिदंबरम को दिया झटका ! मांगी थी जमानत लेकिन एम्स के डॉक्टरों ने खोल दी पोल

चिदंबरम ने स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मांगी थी, जिस पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड का गठन किया था। मेडिकल बोर्ड ने हाईकोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक, चिदंबरम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जेल में ही डॉक्टर चिदंबरम का रेगुलर चेकअप करें। साथ ही मिनरल वाटर पीने को दिया जाए, मच्छरों से बचाने के लिए उन्हें लोशन दिया जाए।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि चिदंबबरम को अस्पताल में रहने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका स्वास्थ्य बेहतर है। मेहता ने यह बात चिदंबरम के स्वास्थ्य की जांच के लिए गठित चिकित्सा दल द्वारा दाखिल की गई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कही। मेडिकल रिपोर्ट पर सज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने जेल अधिकारियों को चिकित्सकों के सुझाव के अनुसार चिदंबरम को जेल में स्वच्छ वातावरण, घर पर बने खाने की अनुमति व मिनरल वाटर व दूसरी सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया।

एम्स मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चिदंबरम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके प्रमुख अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने चिदंबरम द्वारा स्वास्थ्य आधार पर मांगी गई अंतरिम जमानत याचिका निष्पादित कर दी।

बता दें कि आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई ने चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था और वह धन शोधन के एक मामले में फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं। सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी। यह मामला चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान 2007 में विदेशों से 305 करोड़ रुपए की निधि हासिल करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने में कथित अनियमितिताओं से संबद्ध है। इसके बाद ईडी ने इस सिलसिले में 2017 में धन शोधन का एक मामला दर्ज किया था। ईडी ने इस साल 16 अक्टूबर को उन्हें हिरासत में लिया था।

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