मानवाधिकार आयोग पर मोदी सरकार का करारा तमाचा! इसके बाद मचा हडकंप, जानिए इसकी वजह..

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30 अगस्त, 2017 – मोदी सरकार ने मानवाधिकार आयोग को फटकार लगाते हुए बड़ा एक्शन लिया है. मोदी सरकार के इस सनसनीखेज फैसले की हर जगह चर्चा हो रही है.

मानवाधिकार आयोग पर मोदी सरकार का करारा तमाचा! इसके बाद मचा हडकंप, जानिए इसकी वजह..

बीते कुछ सालों में म्यांमार से आकर भारत में अवैध तरीके से बसे हजारों रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर केंद्र सरकार सख्त है। जम्मू सहित कई शहरों में अवैध रूप से बसे रोहिंग्या मुस्लिमों को केंद्र सरकार गिरफ्तार कर देश से बाहर करने की योजना बना रही है.

भारत का जो मानवाधिकार आयोग है वो इतना दोगला है कि हमेशा देशद्रोहियों का पक्ष लेता है कभी आम देशभक्त का पक्ष नही लिया. इस तथाकथित मानवाधिकार अयोग ने आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की ये मानवाधिकार आयोग चाहता है की भारत की मोदी सरकार इन मुसलमानों को इस देश से ना निकाले और देश में ही रहने को सहमती दे दे.

बहतु शर्म की बात है किस तरह ये मानवाधिकार आयोग वाले इन दंगाइयों का पक्ष लेने के लिए आगे आ गये जिन्हें म्यमार से वहं की सरकार ने मार कर भगाया है क्योंकि बोद्ध धर्म के लोगों के साथ ये वहाँ दंगे कर रहे थे और हिन्दुओं पर भी हमला कर रहे थे.
मोदी सरकार अब इन मुसलमानों को वापिस भेज रही है तो सरकार के इस बड़े फैसले का विरोध करते हुए वैश्विक मानवाधिकार समूह ने कहा है कि भारत को अपने अंतरराष्ट्रीय वैधानिक दायित्वों का पालन करना चाहिये और रोहिंग्या शरणार्थियों को उनके दावों पर निष्पक्ष सुनवाई किये बगैर उन्हें जबरन म्यांमार वापस नहीं भेजना चाहिए.

मानवाधिकार आयोग पर मोदी सरकार का करारा तमाचा! इसके बाद मचा हडकंप, जानिए इसकी वजह..

मौजूदा खबर अनुसार ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्लू) ने गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के संसद में दिये बयान पर कि ‘‘सरकार ने रोहिंग्या समेत अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को वापस भेजने के लिये विस्तृत निर्देश जारी किये हैं’’, के संदर्भ में कहा कि भारत में करीब 40,000 रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं.
मीडिया को दिए बयान अनुसार मोदी सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री रिजिजू ने कहा कि भारत का श्रीलंका, अफगानिस्तान और तिब्बत समेत पड़ोसी देशों से भागकर अपने यहां आने वाली असुरक्षित आबादी की मदद का लंबा रिकॉर्ड रहा है.

सच तो ये है कि बौद्ध बहुल देश म्यामांर में जारी हिंसा के बाद से अब तक करीब 40,000 रोहिंग्या मुस्लिम भारत में आकर शरण ले चुके हैं. ये लोग समुद्र, बांग्लादेश और म्यामांर सीमा से लगे चीन इलाके के जरिए भारत में घुसपैठ करते हैं और भारत में आतंक फैलाते हैं.

लेकिन अब और नहीं, अगर भारत ऐसे ही सबको आसरा देता रहा तो एक दिन इस देश पर भारतीयों का नहीं बल्कि बाहर से आकर बसे हुए लोगों का हक़ हो जाएगा.और आगे दो टूक मानवाधिकार वालों को जवाब देते हुए कहा सरकार जानती है उसे क्या करना है आप इसमें दखल ना दें . मोदी सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को देश से जल्द बाहर करने वाली है.

मानवाधिकार आयोग पर मोदी सरकार का करारा तमाचा! इसके बाद मचा हडकंप, जानिए इसकी वजह..
नरेंद्र मोदी : प्रधानमंत्री

आपकी जानकारी के लिए कि रिजिजू ने वैश्विक मानवाधिकार समूह को अपना मुँह करते हुए बताया कि भारत हर दिन सरहद से हो रही घुसपैठ से परेशान है और ऐसे में अगर सरकार इन सभी गैर-क़ानूनी लोगों को देश से बाहर करती है तो क्या बुराई है, एकलौते भारत देश ने सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं ले रखी है.

उन्होंने कहा कि ये सब मुसलमान गैर क़ानूनी तरीके से देश में घुसे थे लेकिन सरकार इन्हें क़ानूनी तरीके से निकलेगी.
भारत में रह रहे 40,000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. ये मुख्य रूप से जम्मू, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और राजस्थान में रहते हैं. अब इनकी संख्या बढ़ती जा रही है.

गृह मंत्रालय ने कहा था कि हालिया वर्षों में म्यांमार के राखिने राज्य से (रोहिंग्या के) भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ से देश के सीमित संसाधनों पर बोझ बढ़ा है. इससे भारत की सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ी हैं. लेकिन अब मोदी सरकार ने इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जल्द ही इन सभी रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर किया जायेगा.

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