वीर सावरकर-दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरें को सरकारी स्कूलों से हटाया जाए, कांग्रेस सरकार का फरमान

8

नई दिल्ली : अपना अस्तित्व खो चुकी कांग्रेस एक बार फिर विवादों में घिर गयी है. राजस्थान सरकार ने ऐसा फरमान जारी कर दिया है, जिससे सियासत में भूचाल आ गया है.

वीर सावरकर-दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरें को सरकारी स्कूलों से हटाया जाए, कांग्रेस सरकार का फरमान

दरअसल राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने सरकारी स्कूलों में लगी वीर सावरकर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय की तस्वीरों को हटाने का आदेश जारी किया है. गहलोत सरकार ने स्कूलों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है की अगर तस्वीरें नहीं हटाई तो सरकार उन स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी करेगी.

राजस्थान की कांग्रेस सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की भाजपा ने कड़ी आलोचना की है, भाजपा ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार महापुरुषों का दलगत आधार पर भेदभाव कर रही है. भाजपा ने चेताया कि वे ऐसा नहीं होने देंगे.

वीर सावरकर-दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरें को सरकारी स्कूलों से हटाया जाए, कांग्रेस सरकार का फरमान

इस फैसले के बाद राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब न तो राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के पूर्व प्रमुख डॉ हेडगेवार की तस्वीरें दिखेंगी और न ही वीर सावरकर की. इतना ही नहीं बीजेपी के आदर्श और जनसंघ के संस्थापक रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीरें भी स्कूलों से हटेंगी. राजस्थान की गहलोत सरकार ने तय किया कि इन महापुरुषों में से किसी की भी तस्वीर की स्कूलों में जरुरत नहीं.

इसके फरमान के बाद राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार स्कूलों में सिर्फ एक ही परिवार की तस्वीरें लगाना चाहती है. भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी.

loading...