बांग्लादेश चुनाव : शेख हसीना के सामने विपक्ष हुआ धराशायी! चौथी बार बनेंगी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री

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ढाका : बांग्लादेश में रविवार को हुए आम चुनावों में प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर जबरदस्त जीत हासिल की है।  इसके साथ ही शेख हसीना का चौथी बार देश की प्रधानमंत्री बनने का रास्ता भी साफ़ हो गया है।

बांग्लादेश चुनाव : शेख हसीना के सामने विपक्ष हुआ धराशायी! चौथी बार बनेंगी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री

ऐसे में विपक्षी हार को देखते हुए बांग्लादेश के मुख्य विपक्षी एनयूएफ गठबंधन ने आम चुनावों के परिणाम को खारिज कर दिया है और निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के अधीन फिर से चुनाव कराने की मांग की है। एनयूएफ में मुख्य दल बीएनपी है।

मीडिया खबरों के मुताबिक, आवामी लीग के नेतृत्व में बने गठबंधन ने 300 में से 266 सीटों पर जबरदस्त जीत दर्ज की है। स्‍थानीय चैनल डीबीसी टीवी ने बताया कि 300 में से 299 सीटों के नतीजे आ गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि आवामी लीग ने जहां 266 सीटों पर जीत दर्ज की है, वहीं इसकी सहयोगी जतिया पार्टी ने 21 सीटें अपने कब्जे में की हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन नैशनल यूनिटी फ्रंट महज 7 सीटों पर जीत दर्ज कर सका।

इस जीत के बाद शेख हसीना को बधाइयां मिलनी भी शुरू हो गई हैं। भाजपा नेता राम माधव ने ट्विटर पर शेख हसीना की पार्टी को बधाई दी। उन्‍होंने लिखा की बांग्‍लादेश में शांति स्‍थापित करने के लिए अवामी लीग की जीत काफी महत्‍वपूर्ण है। शेख हसीना को चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई।

बांग्लादेश चुनाव : शेख हसीना के सामने विपक्ष हुआ धराशायी! चौथी बार बनेंगी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री

300 सदस्यों वाली संसद में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 151 है। रविवार को हिंसा और तनाव के बीच मतदान संपन्न हुआ। हिंसा में एक सुरक्षाकर्मी और सत्ताधारी दल और विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं सहित कम से कम 17 लोग मारे गए हैं। विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने सत्ताधारी दल पर धांधली करने के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने चुनाव को खारिज कर दिया है और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। चुनाव अयोग ने कहा कि वह शिकायतों की जांच कर रहा है।

आयोग के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 1848 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। कुल 300 में से 299 संसदीय सीटों के लिए कराए गए चुनाव में 40183 मतदान केंद्र बनाए गए थे। प्रत्याशी का निधन होने के बाद एक सीट पर मतदान नहीं हुआ है। चुनाव में कई हजार सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों सहित छह लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

शेख हसीना की जीत भारत के लिए राहत की बात मानी जा रही है। दरअसल, खालिदा जिया का भारत के प्रति रवैया कुछ ठीक नहीं रहा है, जबकि शेख हसीना ने अपेक्षाकृत नरम रुख ही अपनाया है। ऐसे में बांग्लादेश की सत्ता में हसीना का कायम रहना भारत के लिए एक अच्छी खबर मानी जा रही है।

देखिये ये खास रिपोर्ट :

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